राजनांदगांव। अपनों को छीनने के साथ ही कइयों को अलग-थलग कर देने वाली महामारी कोरोना अब रक्षा सूत्र के रास्ते में भी अड़ंगा डालती दिख रही है। संक्रमण दर कम नहीं होने व इसी कारण हवाई सेवा बहाल नहीं हो पाने के कारण आस्ट्रेलिया व कनाड़ा में रहने वाले भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र से नहीं सजेगा।
डाक विभाग ने इस दो देशों में डाक भेजने से हाथ पीछे खींच लिया है। जिसके चलते इन दोनों देशों के लिए किसी भी तरह की डाक सामग्री स्वीकार नहीं की जा रही है। शहर में कुछ परिवार ऐसे हैं जिनके स्वजन आस्ट्रेलिया व कनाड़ा में रहते हैं। हर वर्ष राखियां भेजती आ रहीं बहनें इस बार चाहकर भी अपने भाइयों को रक्षा सूत्र नहीं भेज पा रहीं हैं। दोनों देश को छोड़कर अन्य देशों में राखी भेजी जा सकतीं हैं। राखी का त्योहार इसी माह की 22 तारीख को है। डाक के माध्यम से
देश-विदेश में राखियों को भेजने का काम शुरू हो चुका है डाक विभाग ने इसके लिए बकायदा अलग से काउंटर भी खोल रखा है, लेकिन हवाई सुविधा नहीं होने व संक्रमण दर कम नहीं होने के कारण आस्ट्रेलिया व कनाड़ा के लिए डाक बुक नहीं की जा रही है। विभाग की आनलाइन सेवा में इन दो देशों में सेवा का आप्शन फिलहाल दिखा ही नहीं रहा है। इसके चलते डाक बुक कराने पहुंच रहे लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
इन देशों में आसानी से भेज सकते हैं राखियां डाक विभाग द्वारा जापान, चीन, अमेरिका, जर्मनी सहित अन्य देशों में राखियां भेजने डाक लिया जा रहा। इसके लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिए गए हैं। डाकघर में रोजना बड़ी संख्या में बहने अपने भाइयों को रक्षा सूत्र भेजने पहुंच रही हैं। लेकिन डाकघर में आस्ट्रेलिया व कनाडा के लिए डाक नहीं लिए जा रहे हैं। पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि आस्ट्रेलिया और कनाडा राखी भेजने के लिए कम्प्यूटर में आप्शन ही नहीं आ रहा है।
बहनों को लुभा रही आकर्षक लिफाफा रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए इस बार डाक विभाग ने बहनों के लिए विशेष तरह की लिफाफा तैयार कराया है। इस लिफाफे में राखी देश में कहीं भी भेजी जा सकती है। डाकघर में यह लिफाफा 10 रुपये में उपलब्ध है। लेकिन कुछ ही लिफाफा आया था, जो बिक चुका है। बता दें कि उक्त लिफाफे में आस्ट्रेलिया और कनाडा के लिए यह सुविधा नहीं दी जा रही है।