राजनांदगांव के शासकीय जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन पिछले डेढ़ महीने से बंद पड़ी हुई है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर और आसपास के मरीज निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों का रुख करने के लिए मजबूर हैं, जहां उन्हें मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।
शहर के शासकीय मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन की स्थापना भी अब असंभव नजर आ रही है। इससे पहले जो मरीज जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने आते थे, अब उन्हें निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
यह चिंता का विषय है कि प्रशासन, जो शासकीय अस्पतालों की सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिम्मेदार है, निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। यही कारण है कि डेढ़ महीने से शासकीय जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी हुई है और मेडिकल कॉलेज में नई मशीन लगाने का कार्य भी ठप पड़ा है।
बिना सीटी स्कैन के डॉक्टर मरीजों का सही इलाज नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। बावजूद इसके, शहर के पक्ष और विपक्ष के नेता इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह स्थिति आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।