नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने ‘द सर्पेंट’ और ‘बिकिनी किलर’ के नाम से कुख्यात सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही नेपाल की अदालत ने 15 दिन के अंदर उसे उसके देश भेजने को भी कहा है. चार्ल्स शोभराज की मां वियतनामी थी और पिता भारतीय थे. हालांकि, शोभराज फ्रांस का नागरिक हैनेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया है. चार्ल्स शोभराज को नेपाल की अदालत ने 2003 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
नेपाल की अदालत ने शोभराज को छोड़ने का फैसला उसकी उम्र के आधार पर लिया है. उसकी उम्र 78 साल हो चुकी थी. अदालत ने 15 दिन के अंदर उसे अपने देश वापस भेजने के आदेश भी दिए हैं. चार्ल्स शोभराज की मां वियतनाम की थीं और पिता भारतीय थे. शोभराज का जन्म 6 अप्रैल 1944 को वियतनाम के साइगॉन में हुआ था. उस वक्त वियतनाम पर फ्रांस का कब्जा था. फ्रांस के कब्जे वाले देश में पैदा होने के कारण शोभराज के पास फ्रांस की नागरिकता है. शोभराज को ‘द सर्पेंट’ और ‘बिकिनी किलर’ के नाम से भी जाना जाता है.