भूलन द मेज ,… भारतीय न्याय व्यवस्था पर कठोर प्रहार करती , सोद्देश्य मनोरंजन की अनूठी मिशाल प्रस्तुत करती एक अदभुत सम्मोहन की दुनिया में आप को प्रवेश कराती है …मुकेश तिवारी राजेंद्र गुप्ता , एनिमा पगारे , ओमकार दास मानिकपुरी जैसे बॉलीवुड के कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करने का अवसर प्रदान करने वाले निर्देशक मनोज वर्मा को हृदय से धन्यवाद जिन्होंने अपने कुशल निर्देशन का न सिर्फ लोहा मनवाया है अपितु छत्तीसगढ़ की माटी की महक पूरी दुनिया में बिखेर दी है .ऐसे अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार संजीव बक्शी जी को भी नमन जिनके उपन्यास भूूूलन न कांदा की कथा पर ही इस फिल्म का स्क्रीन प्ले लिखा गया है ..इस फिल्म में मैं एक जेलर की भूमिका का निर्वहन किया हूं ,, कितना न्याय कर पाया हूं इसके लिए आप को इस फिल्म को देखने का समय निकलना होगा , मनोरंजन की गारंटी भूूूलन द मेज … की है.जय जोहार l