राजनांदगांव। इस बात से इंकार नही किया जा सकता है कि आज के परिवेश में अंग्रेजी का विशेष महत्व है । चलिए सबसे पहले पायदान से शुरू करते हैं। आज जब भी कोई पालक अपने बच्चों के शिक्षा के बारे में सोचना शुरू करता है अर्थात प्राथमिक शिक्षा से ही वे अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा दिलाने का प्रयास करता है चाहे उनकी आर्थिक स्थिति जैसी भी हो। वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन अभिनव प्रोजेक्ट आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के द्वारा समाज के मध्यम वर्ग के छात्र/छात्राओं को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा देने के लिए अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोला गया । अब शिक्षा के उपरांत बात करते है, जब भी कोई अभ्यर्थी किसी कंपनी में या किसी कार्यालय में नौकरी के तलाश में जाता है तो अंग्रेजी बोलना व समझना प्रथम शर्त के रूप में मांगी जाती है। इसे हम ऐसे समझ सकते हैं कि यदि अभ्यर्थी की पकड़ अंग्रेजी भाषा में अच्छी है तो वेतन उसके अनुसार अन्यथा वेतन का निर्धारण नियोक्ता के अनुसार किया जाता है। समाज के सभी क्षेत्रों में जैसे कि – शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, न्यायालय, में अंग्रेजी का विशेष महत्व है ।एक अंग्रेजी विषय के शिक्षक के रूप में मेरा व्यक्तिगत अनुभव यह है कि हम अंग्रेजी कितना जानते है यह महत्वपूर्ण नही है बल्कि अंग्रेजी का कितना उपयोग करते है यह महत्वपूर्ण है ।जहाँ तक मेरा मानना है कि अंग्रेजी को एक भाषा के रूप में उपयोग करे तो सकारात्मक परिणाम आयेगा क्योंकि पाठ्यक्रम के रूप में यह एक अलग विषय वस्तु है अंत में यही कहना चाहूंगा कि अंग्रेजी भाषा को सीखने का एक ही गुरूमंत्र बोलो बोलो और बोलो ।