राजनांदगांव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मेहुल मारू ने नारायणपुर के एक किसान की आत्महत्या को दुखद और गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की असंवेदनशीलता और वादाखिलाफी ने एक अन्नदाता को आत्महत्या करने को मजबूर कर दिया।
यदि भाजपा सरकार ने पहली कैबिनेट में 2 लाख तक कर्जा माफ कर दिया होता किसान को आत्महत्या नहीं करना पड़ता। मेहुल ने कहा कि किसान हीरू बढ़ई के ऊपर 1.24 लाख का कर्ज था, उसको कर्ज माफी का भरोसा था। उसके पुत्र की भी शादी थी। कर्ज वसूली के नोटिस से वह मानसिक दबाव में आ गए थे। चुनाव प्रचार के दौरान 2 लाख रुपए कर्ज माफ करने की बात कहकर गए थे।