अंबागढ़ चौकी । राजनांदगांव जिले से अलग कर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को नया जिला बनाने की घोषणा तो हो गई है। इस सौगात मिलने के बाद वनांचल के लोगों ने जमकर खुशियां मनाई। अब नवगठित जिले में कलेक्टोरेट की मांग को लेकर तीनों ब्लाकों में लड़ाई शुरू हो गई है। अंबागढ़ चौकी मुख्यालय में जिला कार्यालय की मांग को लेकर पिछले 25 दिनों से नागरिक संघर्ष समिति अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। लगातार पूजा-पाठ और हवन यज्ञ कर जिला निर्माण संघर्ष समिति के लोग आंदोलन कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि चौकी में साधन और संसाधन सभी है। इसलिए चौकी में ही कलेक्टोरेट होना चाहिए। नागरिकों ने यह भी अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर चौकी में कलेक्टोरेट नहीं हुआ तो नए जिले में चौकी को शामिल ना करें।
वनांचल के मोहला-मानपुर-चौकी को नया जिला बनाने पिछले तीन दशक से मांग उठ रही थी। इस मांग पर बीते 15 अगस्त को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुहर लगाते हुए नए जिले की सौगात दी। लेकिन अब मामला जिला कार्यालय को लेकर उलझ गया है। घोषणा के दो दिनों तक नए जिले के नामकरण को लेकर संघर्ष हुआ। जब चौकी का नाम नए जिले में अंकित किया गया तब चौकी क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर की। इसके बाद जिला कार्यालय की मांग को लेकर एक नई लडा?ई शुरू हो गई है। 15 अगस्त से जिला निर्माण संघर्ष समिति कलेक्टोरेट की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
चौकी के राजीव गांधी चौक पर जारी हड़ताल सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक चल रही है। जिला निर्माण संघर्ष समिति के नागरिक चौकी को ही जिला मुख्यालय बनाने की मांग पर अड़े हैं। आंदोलन को नगर व क्षेत्र के हर वर्ग, संगठन, मोर्चा, समितिया व राजनीति पार्टी का समर्थन तक मिला है। जिला निर्माण संघर्ष समिति के प्रमुख अधिवक्ता मोहन पटेल, दिनेश ताम्रकार, बंटी खंडेलवाल, आशीष घीया, संजय लाटा, दिलीप गुप्ता, शोभाशंकर त्रिपाठी, मुकेश अग्रवाल, देवीलाल पटेल, किशोर यादव, निखील झा, आशीष कसार, राजू निशाद, दिलीप भारद्वाज, योगेन्द्र मिश्रा सहित अन्य नागरिक मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
साधन-संसाधन के बाद भी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं
नवगठित जिला मोहला-मानपुर-चौकी में साधन-संसाधन की बात की जाए तो सब कुछ चौकी में है। यहां वर्षों से आठ सबडिवीजन पुलिस, लोक निर्माण, जल संसाधन, पीएचई, कृषि, आरईएस, पीएचई, विद्युत, मोंगरा बराज, नगरीय निकाय सहित वनांचल में शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र है। नगर से जीवनदायिनी शिवनाथ नदी के गुजरने व मोंगरा बराज के चलते चौकी पानी के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर व समृद्ध है। जमीन के मामले में भी चौकी में सौ एकड़ शासकीय जमीन सुरक्षित रखा गया है। तात्कालिक तौर पर भी नगर में ऐसे कई शासकीय कार्यालय बीडीओ, कन्या परिसर, आईटीआई, 250 सीटर छात्रावास की नई बिल्डिंग है। जहां पर अस्थाई तौर पर जिला कार्यालय का संचालन किया जा सकता है। सुरक्षा के दृष्टि से भी चौकी बेहतर है।
हर मोर्चे पर लड़ाई की तैयारियां
अंबागढ चौकी में जिला कार्यालय की मांग को लेकर स्थानीय नागरिक हर मार्चे में लडाई व आंदोलन की तैयारियां कर रहे हैं। जिला निर्माण संघर्ष मोर्चा ने इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इधर नगर के व्यापारी व बुद्धजीवी नागरिक व हर संगठन एवं संस्थाए इस मुद्दे को लेकर लामबंद हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रवासियों को जागरूक व संगठित किया जा रहा है। धीरे धीरे एक बडे? प्रदर्शन व आंदोलन की भी तैयारियां होने लगी है। गणेश पक्ष के बाद यहां इसी मामले को लेकर एक बडा? आंदोलन की संभावना है। तहसीलदार एचएन खुंटे ने कहा कि नवगठित जिले की घोषणा के बाद अंबागढ़ चौकी में कलेक्टोरेट बनाने की मांग लेकर जिला निर्माण संघर्ष समिति के सदस्य हड़ताल पर हैं। लगातार उन्हें हड़ताल खत्म करने की समझाइश भी दी जा रही है।