राजनांदगांव। शहर के नालों से निकलने वाले गंदे पानी को उपयोग के लायक बनाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम शहर में दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जा रही है। इसमें गंदे पानी को उपचारित कर सिंचाई के लिए आसपास के किसानों को दिया जाएगा।
निगम ईई यूके रामटेके ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें जल्द ही स्वीकृति की मुहर लग जाएगी। शहर के पार्रीनाला और मोहारा में यह प्लांट लगाया जाएगा। पार्रीनाला में 15 एमएलडी और मोहारा में 26 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। दोनों प्लांट के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर मेंटेनेंस और ऑपेरशन के लिए करीब 151 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
दोनों ही ट्रीटमेंट प्लांट से शहर के गंदे पानी को उपचारित कर उपयोग के लायक बनाया जाएगा। फिलहाल तैयारी है कि इस पानी को आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पानी का सही उपयोग हो सकेगा।
अधूरे प्लांट का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा इधर बूढ़ा सागर में भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसके नींव का काम शुरू होने के बाद प्रोजेक्ट अटक गया है। करीब ढाई करोड़ की लागत से यह प्लांट बनाया जाना था। हालांकि इसकी क्षमता प्रस्तावित प्लांट से काफी कम है। इसमें सिर्फ बूढ़ा सागर में आने वाले नालों के पानी का ट्रीटमेंट किया जाना था। लेकिन लंबे समय से इस प्लांट का काम अधूरा पड़ा है। जिसे भी जल्द शुरू किए जाने का दावा निगम प्रशासन ने किया है। इससे बूढ़ा सागर भी गंदगी से बच सकेगा। प्रदूषण से बचाने की पहल की जा रही है।
नदी तालाबों में गिर रहा गंदा पानी, प्रदूषण बढ़ा बता दें कि शहर में फिलहाल सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए स्थाई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते शहर के नालों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे आसपास के तालाबों और शिवनाथ नदी तक में गिर रहा है। इससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। रोजाना बड़ी मात्रा में गंदा पानी सीधे जल स्रोतों में मिल रहा है। इससे पानी प्रदूषित हो रहे हैं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरु होने के बाद पानी की बड़ी मात्रा को रिसाइकिल किया जा सकेगा। किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाएगा।