० प्राचार्य प्रजापति ने भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर हड़ताली कर्मचारियों के बीच समा बांधा
राजनांदगांव। छग कर्मचारी, अधिकारी फेडरेशन राजनांदगांव जिला ईकाई अपने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं प्रांतीय सचिव राजेश चटर्जी के आव्हान पर जिला संयोजक डॉ. केएल टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे के नेतृत्व में राजनांदगांव जिले में शासकीय सेवक गण अपनी डीए और गृहभाड़ा भत्ते की लंबित मांगों के समर्थन में प्रांतव्यापी अनिश्चित कालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलनरत् हुए। कलम बंद-काम बंद के नारे के साथ अपनी मांगों को लेकर यह आंदोलन प्रातः लगभग 11 बजे से शाम 4 बजे तक धरनास्थल कलेक्ट्रेट एटीएम के सामने फ्लाई ओव्हर के नीचे संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकगण एकत्रित होकर अपनी लंबित मांगों के लिये जोर-शोर से एकजुट होकर नारेबाजी करते एवं राज्य शासन के कर्मचारियों को केन्द्र शासन के समान देय तिथि अनुसार 34 प्रतिशत डीए एवं बकाया एरियर्स राशि सहित सॉतवे वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता की मांग करते हुए वृहद स्तर पर हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन करते दिखाई दिए।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. केएल टांडेकर ने कहा कि हमारी ताकत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और हमारे अन्य संगठन के लोग भी हमारे हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। कर्मचारियों की एकता को देखते हुए सरकार सदमे में है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार जल्द हमारी 2 सूत्रीय मांगों को पूरा करें, वरना यह आंदोलन उग्र होता जाएगा। प्राचार्य आरपी प्रजापति ने अंगना में भारत माता के सोन के बिहनिया ले चिरैया बोले गीत पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया। व्याख्याता श्रीमती मंजू बाला सिंह ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया है, उस वादे पर कायम रहते हुए हमारी जायज मांगों को पूरा करें, वरना सरकार को उसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। स्वास्थ्य विभाग से श्रीमती सीमा ठाकुर ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को अलग-अलग महंगाई भत्ता क्यों दिया जा रहा है, जब राज्य के अन्य केडर के कर्मचारियों को पूरी महंगाई भत्ता दी जा रही है, तो हम कर्मचारियों को पूरे 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा है। हमारे मुख्यमंत्री को संवेदनशील कहा जाता है तो मुख्यमंत्री अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए हमारी जायज मांगों को अति शीघ्र पूरा करें। छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डीके लिल्हारे ने कहा कि सरकार जल्द ही हमारी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए अति शीघ्र पूरा करेंगे, ऐसा हमें पूरा विश्वास है। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप कुमार साहू ने कहा कि सरकार से हम अपने मौलिक हक और अधिकार को मांग रहे हैं। सरकार हमारी मांगों को पूरा करने में देरी क्यों कर रही है, यह समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती हम हड़ताल से वापस जाने वाले नहीं हैं। शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला जादूटोला के व्याख्याता जीवन दास शेंडे ने लक्ष्मण मसूरिया द्वारा रचित गीत मोर संग चलव रे मोर संग चलव गा गीत गाकर जबरदस्त शमा बांधा। आज वातावरण में उमस होने के बावजूद भी कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में धरना स्थल पर डटे रहे।
आंदोलन के विषय में फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ. केएल टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे ने बताया कि पूर्व में फेडरेशन के द्वारा शांतिपूर्ण चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से राज्य शासन को समय-समय पर अपनी जायज मांगो के निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है, किन्तु राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों के हित में समाधान कारक निर्णय नहीं लेने के कारण प्रदेश के कर्मचारीगण, अधिकारीगण, पेंशनर्स प्रताड़ित हो रहे है। शासन द्वारा राज्य सेवा के कर्मचारियों के वेतन में लगातार कटौती की जा रही है और उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है, जिसके कारण शासकीय सेवकों में निराशा और आक्रोश व्याप्त है और वो अपने हक की लड़ाई के लिये लामबद्ध हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के सैंकड़ो कर्मचारीगण अधिकारीगण सामूहिक रूप से अवकाश लेकर जिले के सभी विकासखंड एवं तहसील मुख्यालयों सहित राजनांदगॉव जिला कार्यालय के सामने फ्लाईओवर के नीचे जीई रोड पर प्रांत व्यापी कलम बंद-काम बंद, अनिश्चित कालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुॅचाने का प्रयास किया है और इसमे काफी हद तक सफल भी रहे है, जिसके चलते आज ब्लाक, तहसील एवं जिला स्तर के शासकीय कार्यालयों एवं विभागों में दिनभर कामकाज ठप्प रहा है। जिले के कई अधिकारीगण भी कार्यालयों में अपनी सीट पर अनुपस्थित रहकर आज के इस आंदोलन को मौन समर्थन देते दिखे। शासकीय सेवकों की केन्द्र शासन के समान देय तिथि से डीए एवं सॉतवे वेतनमान के अनुरूप गृहभाड़ा भत्ते की मांगों को पूरा करने के राजनांदगॉव जिला ईकाई के इस आंदोलन में मुख्य रूप से विभिन्न संगठनों एवं संघों के अध्यक्षगण पदाधिकारीगण सदस्यगण सैकड़ों की तादाद में उपस्थित रहे।
जिनमें में मुख्य रूप से प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ छग अजाक्स संघ, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन, छग लघुवेतन चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, छग वाहन चालक कर्मचारी संघ, छग स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ, छग राजस्व पटवारी संघ, छग ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, छग प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, छग राज्य पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ संघ, कर्मचारी कल्याण संघ (क्षेत्रीय परिषद), छग प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, छग वन कर्मचारी संघ, छग लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, छग डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोशियेशन, छग प्रदेश शिक्षक संघ, छगण् हायक पशु चिकित्सा अधिकारी संघ, छग राजस्व निरीक्षक संघ, छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक संघ, छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ, छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ महिला बाल विकास विभाग पर्यवेक्षक संघ, छत्तीसगढ़ न्यायिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, छग आरएमए एसोशिएसन, महाविद्यालय प्राध्यापक संघ, छत्तीसगढ़ निगम मंडल कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ छात्रावास अधीक्षक कल्याण संघ, सहायक विकास विस्तार अधिकारी संघ, छग प्रदेश सचिव संघ के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
फेडरेशन के पदाधिकारियों में मुख्य रूप से जिला संरक्षकद्वय राजेश मालवे एवं एसके ओझा, जिला संयोजक डॉ. केएल टाण्डेकर, प्रांतीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा, जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे प्रमुख रहे। आंदोलन के विषय में जिला संयोजक डॉ. केएल टाण्डेकर एवं जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे ने यह भी बताया कि राज्य के कर्मचारी-अधिकारी शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से क्षुब्ध एवं व्यथित होकर इसके विरोध में आज प्रदेश के सभी जिला एवं ब्लाक मुख्यालयों में अनिश्चित कालीन हड़ताल के माध्यम से आंदोलन कर रहे हैं और इस आंदोलन को राज्य सेवा के विभिन्न 101 से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जो राज्य शासन से अपनी मांगो को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिये कमर कस चुके हैं, यदि शासन छग कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की लंबित मांगों पर शीघ्र कोई समाधान कारक ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो यह हड़ताल और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य शासन की होगी। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री पीआर झाड़े ने किया।