राजनांदगांव। कोरोना काल वर्ष 2019 से 2021 में 1664 आरटीई के गरीब बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया, लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी विधानसभा में दो बार लिखित में जानकारी देकर बताया कि करोना काल में कोई भी आरटीई का बच्चा स्कूल और शिक्षा से वंचित नहीं हुआ।
विधानसभा में त्रुटिपूर्ण जवाब देने के कारण एकलव्य आवासीय विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया और अब छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कलेक्टर के मार्फत मुख्यमंत्री को बताया है कि अविभाजित जिला राजनांदगांव में कोरोना काल वर्ष 2019 से लेकर 2021 में 1664 आरटीई के गरीब बच्चे स्कूल छोड़ दिए और डीईओ कार्यालय राजनांदगांव ने विधानसभा में दो बार जानकारी दिया है कि एक भी बच्चे ने स्कूल नहीं छोड़ा, शालात्यागी नहीं हुए, कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं हुआ। जब डीपीआई ने भौतिक सत्यापन कराया तो सच्चाई सामने आ गई। वहीं विधानसभा में दो बार झूठी जानकारी देने वाले तत्कालीन आरटीई नोडल अधिकारी को 15 अगस्त में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विभाग द्वारा पुरूस्कृत कर दिया गया, जिसको लेकर अब पैरेंट्स ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधानसभा में मिथ्या जानकारी प्रस्तुत करने वाले शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की मांग की गई है।