राजनांदगांव // पूरे प्रदेश भर जो चर्चा चल रही है वीडियो वायरल हो रहे हैं जिससे चेहरा स्पष्ट रूप से सामने आया । पूर्व पार्षद आभा तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कारधानी राजनांदगांव जो शांति सद्भावना का प्रतीक है आज उसे जाति धर्म में बांटने की कोशिश कांग्रेस के शीर्ष नेता ने की है। यह अजीबो गरीब आश्चर्य में डालता है आप किसी भी सम्मेलन में जाएं लेकिन आप यह क्यों भूल जाते हो कि आप जनप्रतिनिधियों हो सभी धर्म के हो हम किसी भी धर्म को अपनाने या ना अपनाने की बात नहीं कर रहे हैं।
लेकिन महापौर मंच में अतिथि के रूप में मौजूद शपथ ले रही है। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि महापौर हिंदू विरोधी गतिविधि में शामिल है। कांग्रेस महापौर का असली चेहरा सामने आ गया । यह बात तो सत्य है कि जो अपने धर्म का नहीं हो सका वह किसी भी धर्म का नहीं हो सकता। आज महापौर देशमुख को बताना होगा कि आखिरकार वह किस धर्म को मानती है।वैसे भी कांग्रेस राहुल गांधी से शुरू होती है और राहुल गांधी से समाप्त ।
आभा ने कहा कि आजकल तो कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा कर रही है राजनांदगांव में भारत जोड़ो यात्रा तो नहीं चला मगर हिंदू विरोधी कार्यक्रम जरूर चल गया क्योंकि नगर निगम कांग्रेस की सत्ता है आज कांग्रेस को स्पष्ट करना होगा राजनांदगांव की जनता के सामने कि आखिरकार देशमुख जी किस धर्म के हैं जो हिंदुस्तान में रहता है वह हिंदू है यह बात पाकिस्तान के नेता जनता मानते हैं और हिंदुस्तान के गुण गाते हैं देश विदेश के लोग भारत के गुण गा रहे हैं हिंदुओं के देवी देवता की आराधना कर रहे हैं उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं । और आप हिंदुस्तान में रहकर ही हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हो। वह भी बकायदा मंच में यह राजनांदगांव की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी आपको हर बातें स्पष्ट करना होगा कि आखिरकार आप किस धर्म को मानते हैं।