अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अलावा देश के दूसरे राज्यों की ट्रैवेल एजेंसी से जुड़कर रेलवे टिकटों की दलाली करने वाले आरोपित को रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।आरोपित द्वारा रेलवे काउंटर के अलावा ई टिकटों की भी दलाली की जाती थी।अब तक आरोपित के कब्जे से लगभग साढ़े चार लाख रुपये की 183 टिकट बरामद की जा चुकी है।आरोपित से मिली जानकारी के आधार पर रेलवे पुलिस की जांच जारी है।आने वाले दिनों में मामले में कुछ और नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
अंबिकापुर के कलेक्टोरेट परिसर स्थित ई सेवा केंद्र के कंप्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण केंद्र से टिकटों की कालाबाजारी और दलालों की सक्रियता को लेकर लगातार शिकायत सामने आ रही थी।पिछले दिनों भारतीय जनता युवा मोर्चा ने कंप्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण केंद्र में प्रदर्शन कर व्यवस्था में सुधार की मांग की थी।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस बल अंबिकापुर और रेलवे की अपराध गुप्तचर शाखा अनूपपुर की संयुक्त टीम ने ई सेवा केंद्र स्थित रेलवे आरक्षण केंद्र में छापा मारा।यहां एक युवक रेलवे पुलिस को देखते हुए सकपका गया।उसकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आने लगी।वह मौका देखकर भागने की फिराक में था।संदेह के आधार पर रेलवे पुलिस ने उसे पकड़ लिया।उसके पास 1500 रुपये नकद और रेलवे आरक्षण का एक मांग पत्र था।जब उससे पूछताछ की गई तो स्वीकार किया कि वह टिकटों की दलाली करता है।आज भी दूसरे के लिए टिकट लेने आया था।घर से वह और टिकट जप्त करवा सकता है।युवक का नाम आकाश सिंह 29 बर्ष था।वह साई रेसीडेंसी भगवानपुर का रहने वाला है।जब उसके घर मे दबिश दी गई तो आठ नग रेलवे का काउंटर टिकट बरामद किया गया।
जिसमें पांच टिकटों से यात्रा हो चुकी थी।तीन टिकट से यात्रा करना शेष था।युवक की संदिग्ध गतिविधि पर रेलवे पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मोबाइल की जांच शुरू की तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई।युवक ने पांच पर्सनल यूजर आइडी से 177 टिकट बनाए थे।इसमें से कई टिकटों से यात्रा हो चुकी थी।कई टिकट से यात्रा बाकी थी।युवक ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई वर्षों से टिकट की दलाली करता था।उसके कब्जे से लगभग साढ़े चार लाख के टिकट बरामद हुए थे इस संबन्ध में उसका कहना था कि छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों की ट्रैवेल एजेंसी जो समय-समय पर टूर पैकेज चलाती है उनके लिए भी टिकट बनाने का काम करता था।इसके एवज में उसे दो सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक का कमीशन होता था।टिकट बनाने के बाद वह सिर्फ पीएनआर नंबर भेज दिया करता था।अंबिकापुर आरपीएफ थाना के प्रभारी समीर खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देशानुसार युवक को फिलहाल थाने से ही जमानत दे दी गई है।उसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है।जो जानकारियां उसने दी है उस अनुरूप जांच जारी है।आने वाले दिनों में कुछ नए तथ्य भी जांच में सामने आएंगे।
