कोरोना काल के बाद पहली बार लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में सीट फुल हैं। यात्री वेटिंग टिकट भी ले रहे हैं तो उनका टिकट कंफर्म होना मुश्किल हो रहा है। अगर आप भी घूमने की योजना बना रहे हैं तो पहले अपनी ट्रेन की स्थिति चेक कर लें, ताकि यात्रा के दौरान परेशानी न हो।
गर्मी की छुट्टी में सैर सपाटा करने की सोच रहे हैं तो ट्रेन की स्थिति देख लें। शादी-विवाह और स्कूलों में गर्मी की छुट्टी से पहले ही ज्यादातर दिशाओं में चलने वाली ट्रेनें फुल हैं। स्लीपर ही नहीं, एसी कोच में भी वेटिंग टिकट मिल रहा है। गर्मी में जम्मू सहित अन्य धार्मिक स्थलों के अलावा पहाड़ी इलाकों की तरफ चलने वाली ट्रेनों में भी टिकटों की मारामारी है। कई यात्री टिकट के अभाव में स्टेशन से बैरंग लौट रहे हैं।
कोरोना काल के बाद पहली बार लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में सीट फुल हैं। यात्री वेटिंग टिकट भी ले रहे हैं तो उनका टिकट कंफर्म होना मुश्किल हो रहा है। अगर आप भी घूमने की योजना बना रहे हैं तो पहले अपनी ट्रेन की स्थिति चेक कर लें, ताकि यात्रा के दौरान परेशानी न हो।
दिल्ली के स्टेशनों से हर दिन संचालित होने वाली लगभग सभी ट्रेनों में इन दिनों जबरदस्त भीड़ है। खासकर, वैष्णव देवी, मुंबई, लखनऊ, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, लखनऊ, पटना समेत दक्षिण दिशाओं में जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ है। इन ट्रेनों में 15 दिन से महीनेभर के वेटिंग टिकट जारी हो रहे हैं।
लंबी वेटिंग ने बढ़ाई परेशानी
आरक्षित टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। गोवा घूमने की योजना है तो इस रूट पर चलने वाली मुख्य ट्रेन निजामुद्दीन दुरंतो, गोवा संपर्क क्रांति, स्वराज, गोल्डन टेंपल, पश्चिम एक्सप्रेस, पंजाब मेल समेत सभी ट्रेन फुल हैं। वैष्णव धाम जाने वाली ट्रेनों में भी जगह नहीं है। जम्मूतवी एक्सप्रेस, मालवा, झेलम, हमसफर, उत्तर संपर्क क्रांति समेत इस दिशा में चलने वाली ट्रेनों में भी आरक्षित टिकट नहीं मिल रहा है। इसी तरह लखनऊ जाने वाली कैफियात, सुहेलदेव में रिग्रेट है, यानी वेटिंग भी नहीं मिल रहा।
गोरखधाम में 116 वेटिंग टिकट मिल रहा है, तो संपर्क क्रांति में 189, पदमावत में 108, वैशाली में 201, काशी विश्वनाथ में 50 और अवध आसाम में 93 वेटिंग हैं। गोरखपुर की तरफ जाने वाली गोरखधाम में 116 वेटिंग है, तो चंपारण सत्याग्रह में 72, सत्याग्रह में 98, वैशाली में 200 से अधिक वेटिंग टिकट मिल रहा है। पटना जाने वाली हावड़ा दुरंतो, पूर्वा, नार्थ-ईस्ट, श्रमजीवी, मगध, ब्रह्मापुत्र, संपूर्ण क्रांति में भी 100 से अधिक वेटिंग टिकट मिल रहा है।
क्षमता से अधिक स्लीपर और जनरल कोच में यात्री
यात्रियों की भीड़ के सामने रेलवे की तैयारी भी बौनी साबित हो रही है। स्लीपर, सीटिंग कोच, जनरल कोच में क्षमता से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। कई यात्री तो वेटिंग टिकट नहीं मिलने पर अनारक्षित टिकट लेकर जुर्माना देकर आरक्षित कोच में सफर करने को मजबूर हैं।
यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों की दरकार
गर्मियों में अमूमन सभी रूट पर ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। लिहाजा, जरूरी है कि स्पेशल ट्रेन चला कर राहत दी जाए। इस साल तो उत्तर रेलवे की तरफ से समर एक्शन प्लान तक अभी तैयार नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अधिक भीड़ को देखते हुए समय-समय पर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की जाती है।