प्रशासन की ओर से शहर के सबसे पुराने ऐतिहासिक स्टेट हाईस्कूल का चयन स्वामी आत्मानंद योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल के लिए किया गया है। राज्य सरकार की ओर से इस स्कूल का चयन करने के साथ ही अब यहां उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल संचालन करने शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं स्कूल परिसर के रिनोवेशन का काम शुरू हो गया है।
शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही इसका परिणाम भी आने वाला है। खबर है कि यहां वर्तमान में पदस्थ शिक्षकों में ज्यादातर ने यहां पढ़ाने पर असहमति जताई है यानी की प्रतिनियुक्ति पर जाने शिक्षक तैयार नहीं है। पुराने शिक्षकों ने दूसरी जगह पदस्थापना की मांग की है।
दरअसल कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसलिए प्रतिनियुक्ति पर नहीं जाना चाह रहे हैं। हालांकि इधर स्कूल प्रबंधन की ओर से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल संचालन के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। स्टेट स्कूल के प्राचार्य एनएस पट्टा ने बताया कि उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल का संचालन होना है। एडमिशन के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं आई है।
रंग-रोगन किया जाएगा
दूसरी ओर शासन की ओर से अब तक एडमिशन को लेकर कोई गाइड लाइन जारी नहीं किया गया है। स्कूल में कितनी सीटों पर एडमिशन दिया जाना है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन गाइड लाइन का इंतजार कर रहा है। इधर स्कूल परिसर को आकर्षक बनाने के लिए रिनोवेशन शुरू कर दिया गया है। पुरानी बिल्डिंग के प्लास्टर उखाड़े जा रहे हैं। यहां पर रंग-रोगन किया जाएगा।
समाज ने किया विरोध
वैष्णव महासभा की ओर से इस स्कूल का नाम नहीं बदलने की मांग करते हुए इस योजना के अंतर्गत दूसरे स्कूल का चयन करने मांग की थी। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से लेकर महापौर, कलेक्टर सहित अन्य जिम्मेदारों से मिलकर दूसरे स्कूल का चयन करने बार-बार मांग की पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो समाज के पदाधिकारी न्यायालय जा चुके हैं।