छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को आत्मसमर्पण किए नक्सली दंपति ने पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा किया है. साल 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान नीलावाया इलाके में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में सरेंडर नक्सली हुर्रा कुंजाम और उनके साथियों की फायरिंग से पत्रकार की मौत हो गई थी. दरअसल ग्रामीणों ने पुलिस पार्टी के आने की सूचना दी थी और इस सूचना पर नक्सलियों ने जवानों को देख फायर कर दिया.
पत्रकार को समझ लिया जवान
इस दौरान पत्रकार भी जवानों के साथ में मौजूद थे जिसे गलतफहमी में पुलिस का जवान सोच कर सरेंडर नक्सली हुर्रा कुंजाम ने फायर किया और उसकी मौत हो गई. मुठभेड़ स्थल से नक्सली पत्रकार का कैमरा भी अपने साथ ले गए. वह कैमरा आज भी नक्सलियों के पास है.
जवान समझ पत्रकार पर चलाई थी पहली गोली
सरेंडर किए हार्डकोर नक्सली दंपति ने नीलावाया मुठभेड़ का खुलासा करते हुए बताया कि उस दिन पुलिस पार्टी सर्चिंग के लिए निकली हुई थी. इसमें पत्रकार भी न्यूज़ कवरेज के लिए पुलिस पार्टी के साथ मौजूद थे. ग्रामीणों ने पुलिस के आने की सूचना दी, जिसके बाद 50 से 100 नक्सलियों ने एंबुश लगा दिया था.
जब जवान पहुंचे तो फायर शुरू कर दिया. सरेंडर नक्सली हुर्रा कुंजाम ने बताया कि उसने पत्रकार को पुलिस का जवान सोचकर पहली गोली चलाई. जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. बाद में पता चला कि वह पत्रकार था. मुठभेड़ स्थल से पत्रकार का कैमरा भी नक्सली अपने साथ लेकर गए.
पत्रकार समेत 3 जवानों की हुई थी शहादत
दअरसल साल 2018 के विधानसभा चुनाव के समय नक्सल इलाकों में किस तरह से चुनाव होगा और नक्सलियों के गढ़ में सड़क निर्माण का कार्य कैसे चल रहा है इसकी न्यूज़ कवरेज करने दिल्ली से कैमरामैन अच्युतानंद साही समेत उनकी पूरी टीम आई थी. जवानों की सुरक्षा के बीच यह टीम नीलावाया गई थी.
कैमरामैन अच्युतानंद साही निर्माणाधीन सड़क की वीडियोग्राफी कर रहे थे. इसी बीच जंगल की तरफ से गोली चली और पहली गोली कैमरामैन को ही लगी. जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी. इसके अलावा उनके साथ 3 अन्य जवानों को गोली लगने से जवानों की भी शहादत हो गयी थी.