चुनाव में क्रास वोटिंग का मामला0
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष पर निलंबन की कार्यवाही
छुरिया- जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ क्रास वोटिंग का मामला गरमाने लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा कुमर्दा मण्डल के पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं । भाजपा पार्टी से बगावत कर दूसरे खेमे में शामिल होकर चुनाव लड़ने वाले पूर्व जनपद उपाध्यक्ष पर निलंबन की कार्यवाही के बाद अब धनगांव में रची गई साजिश में शामिल भाजपा नेताओं पर कार्यवाही की मांग को लेकर आवाज उठने लगी है । मिली जानकारी अनुसार जनपद पंचायत छुरिया के 25 जनपद सदस्यों में भाजपा अधिकृत जनपद सदस्यों की संख्या 19 थी । इससे ऐसा लग रहा था कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा आसानी से चुनाव जीतकर अपना कब्जा बरकरार रखेगी लेकिन चुनाव के अंतिम दिन भाजपा अधिकृत प्रत्याशी संजय सिन्हा के नाम की घोषणा होने के बाद उनके खिलाफ पूर्व जनपद उपाध्यक्ष एकांत चन्द्राकर ने पासा पलटते हुए बागी रूख अख्तियार कर पार्टी का साथ छोड़ एक अलग अपना दल से हाथ मिलाकर जनपद अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने नामांकन दाखिल कर दिया । इस चुनाव में जहां संजय सिन्हा को 12 में से 11 मत मिले वहीं भाजपा के एकांत चन्द्राकर को 8 मत प्राप्त हुए । जहां संजय सिन्हा के विरूद्ध उनके अपने जनपद सदस्यों ने ही क्रास वोटिंग किया । वहीं जनपद उपाध्यक्ष पद पर प्रशांत ठाकुर के पक्ष में जहां उन्हें 14 मत प्राप्त हुए वहीं सीमा यादव के पक्ष में 11 मत मिले जहां भाजपा के प्रत्याशी को उनके ही दल के 3 जनपद सदस्यों का क्रास वोट का सामना करना पड़ा । हालांकि इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में भाजपा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सीट पर चुनाव जीतने में कामयाब रही ।
वहीं अब भाजपा पार्टी में क्रास वोटिंग को लेकर माहौल गरमाने लगा है। पार्टी के भीतर क्रास वोटिंग में संलिप्त भाजपा पदाधिकारियों की पहचान कर ली गई है और उन पर कार्यवाही की मांग उठने लगी है। बताया जा रहा है कि जनपद सदस्यों के चुनाव के बाद कुमर्दा मण्डल क्षेत्र के ग्राम धनगांव में एक वरिष्ठ भाजपा नेता के निवास पर बंजारी क्षेत्र एवं हालेकोसा, गैन्दाटोला, भोलापुर, सड़कचिरचारी, एवं उस क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ गहरी साजिश रच हराने का प्लान कर लिया था । उनकी पहचान होते ही अब उन पर कार्यवाही की मांग तेज होने लगी है ।