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शराब घोटाला: पूर्व सीएम के करीबी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई दिल्ली से भाटिया गिरफ्तार, रायपुर लेकर आएगी ACB

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कार्रवाई करते हुए कारोबारी विजय भाटिया को गिरफ्तार किया है। विजय भाटिया के मैनेजर के घर पर भी ईडी की रेड पड़ी है।

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू और ईसीबी ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। ईओडब्ल्यू और ईसीबी के अधिकारियों ने दुर्ग में भिलाई के कारोबारी विजय भाटिया के नेहरू नगर स्थित घर में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू और ईसीबी ने कारोबारी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दरअसल, छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले के मामले में ईओडब्ल्यू और ईसीबी ने सुबह कारोबारी विजय भाटिया के नेहरू नगर स्थित घर पर छापा मारा। इसके अलावा, विजय भाटिया के मैनेजर संतोष रामटेके के घर में भी छापेमारी की गई।

जरूरी दस्तावेज जब्त
इस कार्रवाई में कई अधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू और ईसीबी ने छत्तीसगढ़ में हुए कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मामले में ये कार्रवाई की है। हालांकि, इस कार्रवाई में टीम ने कौन-कौन से जरूरी दस्तावेजों को जब्त किए हैं, इस बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ पाई है।

शराब घोटाले में होगी पूछताछ
इस कार्रवाई के बीच दिल्ली से भिलाई के बड़े कारोबारी विजय भाटिया को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, विजय भाटिया को लेकर टीम दिल्ली से रायपुर रवाना होगी, जहां शराब घोटाला मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी। इस बीच, एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीमें दुर्ग और भिलाई के कई ठिकानों पर एकसाथ छापे की कार्रवाई कर रही हैं।

विजय भाटिया पूर्व सीएम के करीबी
बता दें कि भिलाई के कारोबारी विजय भाटिया को पाटन से कांग्रेस विधायक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बेहद करीबी माना जाता है। विजय भाटिया ईडी जांच के दायरे में भी थे। हालांकि, ईओडब्ल्यू ने जब शराब घोटाला मामले में जांच शुरू की थी, तभी से ही विजय भाटिया का नाम चर्चा में बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है।

कवासी लखमा की हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले, इसी साल जनवरी में ईडी ने शराब घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। कवासी लखमा पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले से जुड़ी कई अनियमितताओं में अपनी भूमिका निभाई थी।

शनिवार सुबह 6 बजे दो गाड़ियों में पहुंचे ACB-EOW के सात अधिकारियों ने घर को चारों तरफ से घेरकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने घर में मौजूद परिजनों और नौकरों से पूछताछ की। नौकरों को सीमित रूप से काम की अनुमति दी गई है, पर उनसे भी पूछताछ की जा रही है। छापेमारी में महिला पुलिस की भी मौजूदगी रही। गौरतलब है कि दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इसी घर पर रेड डाली थी, जिसके बाद से विजय भाटिया फरार चल रहा था।

यह वही छापेमारी थी जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन के दिन की गई थी। उस समय ED ने उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, ओएसडी आशीष वर्मा, मनीष बंछोर और विजय भाटिया के घरों पर एक साथ कार्रवाई की थी। इस रेड को लेकर राज्य की राजनीति में खासा हंगामा हुआ था। भूपेश बघेल ने तब तीखा तंज कसते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिया गया ‘जन्मदिन का तोहफा’ करार दिया था।