क्राइमछत्तीसगढ़दुर्ग जिला

CG.सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार म्युल अकाउंट से करोड़ों का लेन-देन

दुर्ग पुलिस ने सट्टा खाईवाली रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। बिहार निवासी नीतीश कुमार को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से महिंद्रा थार गाड़ी, तीन लैपटॉप, तीन मोबाइल, नौ एटीएम कार्ड, आठ पासबुक और दो चेकबुक जब्त किए हैं। अब तक इस मामले में 11 खाताधारकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। CG.सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार म्युल अकाउंट से करोड़ों का लेन-देन


20 हजार में खरीदते थे बैंक अकाउंट, करोड़ों का सट्टा और साइबर फ्रॉड का खेल

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पद्मश्री तंवर के अनुसार, नीतीश बिहार से दुर्ग जिले के लोगों के बैंक खाते ₹20,000 में खरीदता था और उनका उपयोग म्युल अकाउंट के रूप में करता था। इन खातों का संचालन डीटीडीसी माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस इससे पहले उमा शर्मा नामक महिला को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है।

जांच के दौरान यह सामने आया कि मोनू और उसके सहयोगी देहरादून में ठिकाना बदलते हुए फरार हो गए, लेकिन मौके पर नीतीश को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में नीतीश ने कबूला कि वह दीपक कुमार के साथ मिलकर 22% कमीशन पर क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। वह ‘लोटस, बप्पा, रामजानो, गोविंदा’ जैसे पैनलों का उपयोग करता था।


केनरा बैंक, वैशाली नगर शाखा के प्रबंधक परमाल सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ। इसमें बताया गया कि 111 खातों में साइबर फ्रॉड की राशि जमा हुई है, जिन पर ₹22,05,173.53 का होल्ड लगाया गया है। फरवरी महीने में आरोपी के खातों में लगभग 5 करोड़ रुपये की अवैध लेन-देन सामने आई है।


यह कार्रवाई एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में की गई, जिसे दुर्ग पुलिस की साइबर फ्रॉड और सट्टा माफिया के खिलाफ बड़ी जीत माना जा रहा है।