Machaan Method: मचान विधि से लौकी की खेती में होगा मोटा मुनाफा, बरसात में भी होगी 6 फीट तक लंबी लौकी, जाने इस विधि की A TO Z डिटेल्स? अगर आप बरसात में खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो मचान विधि से लौकी, तुरई जैसी कद्दूवर्गीय सब्जियां उगाएं। इस तकनीक से सब्जियों की गुणवत्ता के साथ-साथ उत्पादन भी बढ़ेगा। बरसात में सब्जियों की कमी हो जाती है, लेकिन मचान विधि गेमचेंजर है। मानसून के दौरान हरी सब्जियों की आपूर्ति कम हो जाती है।
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खेतों में जलभराव और कीट व्याधियों के बढ़ने से उत्पादन कम हो जाता है। लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. महेश कुमार के अनुसार, किसान मचान विधि से कम लागत में बेहतरीन फसलें उगा सकते हैं – खासकर लौकी, तुरई, करेला और खीरा जैसी सब्जियां।
Machaan Method: मचान विधि?
- फल सीधे और लंबे होते हैं (लौकी 6 फीट तक बड़ी हो सकती है)
- फल सड़ते नहीं हैं क्योंकि वो मिट्टी से संपर्क में नहीं रहते
- कीट और बीमारियों का खतरा कम हो जाता है
- पौधों को बेहतर हवा और धूप मिलती है
Machaan Method: खेत कैसे तैयार करें?
- खेत की गहरी जुताई करें
- समतल करके चौड़े बेड बनाएं
- हर बेड पर मजबूत मचान (जाल या बांस का ढांचा) लगाएं
- बीजों को बेड पर ही लगाएं ताकि बारिश से नुकसान न हो
Machaan Method: बीजों का चयन और उपचार कैसे करें
- केवल उन्नत किस्म के बीज चुनें (उद्यान विभाग या पंजीकृत विक्रेता से)
- खरीफ मौसम के अनुकूल किस्म लें
- बीज उपचार ज़रूरी है
- हर 1 किलो बीज में 2 से 2.5 ग्राम कार्बेंडाजिम मिलाकर उपचार करें
- इससे बीज जनित और मिट्टी जनित रोगों से बचाव होगा
Machaan Method: मुनाफा
मचान विधि से उपजी सब्जियों का आकार बड़ा, सीधा और आकर्षक होता है, जिससे बाजार में उनकी मांग और दाम दोनों ज्यादा होते हैं। किसान चाहें तो लौकी को सजावटी पैकेजिंग में भी बेच सकते हैं, जिससे स्थानीय मंडियों से लेकर ऑनलाइन बाजार तक अच्छी कमाई हो सकती है।