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बालोद में स्कूल की छत टूटने से हड़कंप: 6 मजदूर घायल, 2 की हालत गंभीर, प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। गुंडरदेही ब्लॉक के राहुद शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल में सोमवार, 18 अगस्त 2025 को जर्जर भवन की छत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 6 मजदूर घायल हो गए। इनमें से दो मजदूरों की हालत गंभीर है, और उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा प्रशासन और स्थानीय पंचायत की लापरवाही को उजागर करता है, क्योंकि स्कूल का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था। आइए, इस हादसे की पूरी कहानी को आसान और रोचक अंदाज में समझते हैं।

क्या हुआ राहुद स्कूल में?

राहुद का शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल लंबे समय से अपनी जर्जर इमारत के लिए चर्चा में था। स्कूल प्रबंधन ने कई बार इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिरकार, स्थानीय पंचायत ने भवन को तोड़ने (डिस्मेंटल) का फैसला लिया और मजदूरों को काम पर लगाया गया। 18 अगस्त 2025 को सुबह, जब मजदूर भवन तोड़ रहे थे, तभी अचानक छत ढह गई। मलबे में दबकर 6 मजदूर घायल हो गए।

घायलों को तुरंत गुंडरदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉ. एपी चंद्राकर, मेडिकल ऑफिसर, ने बताया कि चार मजदूरों की हालत स्थिर है, लेकिन दो मजदूरों को गंभीर चोटों के कारण जिला अस्पताल, दुर्ग रेफर किया गया है। घायलों में रामलाल (45), सुरेश कुमार (38), महेश साहू (42), कमलेश (35), राकेश (40), और संतोष (37) शामिल हैं।

बच्चों पर मंडराता खतरा

स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने इस हादसे को लेकर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां छुट्टी के बाद बच्चे खेलते हैं। अगर यह हादसा स्कूल टाइम में हुआ होता, तो मासूम बच्चों की जान को भी खतरा हो सकता था। प्रधानाध्यापक रमेश साहू ने बताया, हमने कई बार जर्जर भवन की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर समय रहते कार्रवाई हो जाती, तो यह हादसा टल सकता था। यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही को साफ दर्शाती है।

प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन ने इस हादसे के लिए जिला प्रशासन और पंचायत को जिम्मेदार ठहराया है। स्कूल की इमारत की खराब हालत की शिकायत कई महीनों से की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय ग्रामीण श्यामलाल ने गुस्से में कहा, अधिकारी सिर्फ कागजों पर काम करते हैं। अगर समय पर भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण हो जाता, तो यह हादसा न होता।

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संजय ठाकुर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “हम इस हादसे की पूरी जांच करेंगे। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, घायल मजदूरों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है, जिसके तहत गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 50,000 रुपये और अन्य को 20,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

हाल ही में स्कूल हादसों की बाढ़

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में राजस्थान के झालावाड़ में एक सरकारी स्कूल की छत ढहने से 7 बच्चों की मौत और 28 के घायल होने की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। छत्तीसगढ़ में भी अब जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने अब सभी स्कूलों की इमारतों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

  • हादसे की तारीख: 18 अगस्त 2025, सोमवार, राहुद शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल, गुंडरदेही, बालोद।
  • घायल: 6 मजदूर, जिनमें 2 की हालत गंभीर। सभी को गुंडरदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
  • रेफर: 2 मजदूरों को जिला अस्पताल, दुर्ग रेफर किया गया।
  • प्रशासन की प्रतिक्रिया: DEO ने जांच के आदेश दिए; मुआवजे की घोषणा (50,000 और 20,000 रुपये)।
  • जर्जर भवन: स्कूल प्रबंधन ने कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

राहुद स्कूल की छत ढहने की घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों पर सवाल खड़े किए हैं। यह हादसा न सिर्फ मजदूरों के लिए दुखद है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी है। प्रशासन को अब तुरंत कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। लोगों की मांग है कि जर्जर स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण हो और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।