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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का नया दौर: अब सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब धान बेचने के बाद आपको सहकारी बैंकों और समितियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने धान खरीदी के भुगतान की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव किया है। इस बार धान का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे आपके आधार से लिंक्ड बैंक खाते में आएगा। इससे न सिर्फ समय पर भुगतान होगा, बल्कि आपको बार-बार बैंकों के दौरे भी नहीं करने पड़ेंगे। आइए, इस नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानते हैं!

पायलट प्रोजेक्ट: तीन जिलों से होगी शुरुआत

छत्तीसगढ़ सरकार इस नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू करने जा रही है। शुरुआत कोंडागांव, कोरिया, और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों से होगी। इन जिलों में धान खरीदी का पैसा सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो 2026 से इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया जाएगा।

तथ्य जांच: यह जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों से मिली है, जो पुष्टि करती है कि सरकार ने इन तीन जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना है।

पुरानी परेशानियों का अंत

पहले किसानों को धान बेचने के बाद भुगतान के लिए सहकारी समितियों या बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। माइक्रो एटीएम से केवल 10,000 रुपये तक की राशि निकालने की सीमा थी, जिससे किसानों को बार-बार परेशानी होती थी। नई DBT प्रणाली के तहत अब पूरा पैसा एकमुश्त आपके खाते में आएगा, और आप अपनी जरूरत के हिसाब से राशि निकाल सकेंगे।

टिप: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक्ड है, ताकि भुगतान में कोई देरी न हो।

बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी। DBT से भुगतान में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। किसान अब अपनी मेहनत का पूरा पैसा बिना किसी कटौती के सीधे अपने खाते में पाएंगे।

तथ्य जांच: समाचारों के अनुसार, इस प्रणाली से भ्रष्टाचार और दलालों की भूमिका कम होने की उम्मीद है।

किसानों का सशक्तिकरण, सरकार का वादा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार का कहना है कि यह बदलाव केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। सीधे खाते में पैसा आने से किसानों का भरोसा व्यवस्था पर बढ़ेगा। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी।

टिप: अगर आपके खाते में भुगतान में कोई समस्या आए, तो तुरंत स्थानीय सहकारी समिति या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

धान खरीदी की तैयारियां शुरू

हालांकि धान की फसल पकने में अभी समय है, लेकिन सरकार ने खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भारी मात्रा में उत्पादन की उम्मीद है, जिसके चलते सभी जिलों में धान खरीदी को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। 2739 खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, और बायोमेट्रिक डिवाइस व इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

तथ्य जांच: सरकार ने धान खरीदी के लिए व्यापक तैयारियां शुरू की हैं, जिसमें 27 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को शामिल किया गया है।

किसानों के लिए सुनहरा मौका

यह नई व्यवस्था छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। समय पर भुगतान, पारदर्शिता और बिचौलियों से मुक्ति जैसे कदम निश्चित रूप से किसानों का भरोसा बढ़ाएंगे। अगर आप भी एक किसान हैं, तो अपने आधार और बैंक खाते की डिटेल्स को अपडेट रखें और इस नई प्रणाली का पूरा फायदा उठाएं।