बिहार सियासत में हंगामा: बीजेपी ने स्टालिन-रेड्डी के खिलाफ जलाया पुतला, राहुल गांधी पर साधा निशाना
बिहार की सियासत में इन दिनों हलचल मची हुई है! राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के शामिल होने से BJP ने नया सियासी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने इसे बिहार के स्वाभिमान से जोड़कर चुनावी मुद्दा बना लिया और पटना में स्टालिन व रेड्डी का पुतला जलाकर विरोध जताया। आइए, इस सियासी ड्रामे की पूरी कहानी जानते हैं। हमने न्यूज18, हिंदुस्तान टाइम्स और ABP न्यूज जैसे स्रोतों से जानकारी चेक की, और ये डिटेल्स सटीक हैं।
क्या है मामला?
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा, जो 17 अगस्त से बिहार में शुरू हुई, चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) के खिलाफ है। इस यात्रा में कांग्रेस, RJD, और CPI-ML जैसे महागठबंधन के नेता शामिल हैं। 27 अगस्त को मुजफ्फरपुर में एमके स्टालिन, रेवंत रेड्डी, तेजस्वी यादव, और प्रियंका गांधी ने इस यात्रा में हिस्सा लिया। लेकिन बीजेपी को स्टालिन और रेड्डी की मौजूदगी बिल्कुल रास नहीं आई। बीजेपी ने इसे बिहारियों के अपमान से जोड़ा, क्योंकि पहले इन नेताओं के बयानों पर बवाल हो चुका है।
बीजेपी का हल्ला: पुतला दहन और नारेबाजी
27 अगस्त को पटना के आयकर गोलंबर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एमके स्टालिन और रेवंत रेड्डी का पुतला फूंका। सैकड़ों कार्यकर्ता BJP प्रदेश कार्यालय से जुलूस निकालकर आए, जिनके हाथों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, स्टालिन और रेड्डी के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां थीं। पसमांदा फाउंडेशन के लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल थे। बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा, “रेवंत रेड्डी ने बिहारियों और सनातन धर्म का अपमान किया। फिर भी कांग्रेस और RJD के ‘युवराज’ उन्हें बिहार में घुमा रहे हैं। ये बिहार का अपमान है!”
बीजेपी का आरोप: बिहारियों का अपमान
बीजेपी ने रेवंत रेड्डी और उदयनिधि स्टालिन (एमके स्टालिन के बेटे) के पुराने बयानों को हथियार बनाया। रेड्डी ने कथित तौर पर कहा था कि “तेलंगाना का DNA अच्छा है, बिहार का नहीं।” वहीं, उदयनिधि ने बिहारियों को तमिलनाडु में “साफ-सफाई” करने वाला बताया था। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “जो बिहारियों को अपमानित करते हैं, उन्हें कांग्रेस और RJD स्टार कैंपेनर बनाते हैं।” बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने भी स्टालिन पर निशाना साधा, “इनका परिवार सनातन धर्म के खिलाफ बोलता है। ये लोग लालू परिवार के साथ बिहारियों का अपमान कर रहे हैं।”
बीजेपी का सियासी दांव
BJP ने इस मौके को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा बनाने की ठानी है। अनामिका पासवान (BJP प्रदेश उपाध्यक्ष) ने चेतावनी दी, “बिहार की जनता इस अपमान का बदला अगले चुनाव में लेगी। तेजस्वी सत्ता की लालच में अपमान करने वालों का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन इसका जवाब मिलेगा।” बीजेपी ने इसे बिहार के स्वाभिमान से जोड़कर जनता को लामबंद करने की कोशिश की है।
विपक्ष का जवाब
विपक्षी नेताओं ने बीजेपी के विरोध को “सियासी नौटंकी” करार दिया। एमके स्टालिन ने X पर लिखा, “बिहार की धरती पर मैं राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और प्रियंका गांधी के साथ हूं। #VoteAdhikarYatra लोगों के दर्द को ताकत में बदल रही है।” कनिमोझी (DMK सांसद) ने इसे INDIA गठबंधन की एकजुटता बताया। राहुल गांधी और तेजस्वी ने बीजेपी पर वोट चोरी और संविधान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने कहा, “NDA का मतलब है ‘नहीं देंगे अधिकार’। जनता वोट की रक्षा करेगी।”
क्या है वोटर अधिकार यात्रा?
वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई और 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी। ये 1,300 किमी की यात्रा बिहार के 20 जिलों से गुजर रही है। कांग्रेस और RJD का दावा है कि चुनाव आयोग ने SIR (Special Intensive Revision) के जरिए 65 लाख वोटर्स के नाम काट दिए, जो विपक्ष के समर्थक हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया और राहुल गांधी से शपथपत्र के साथ सबूत मांगे।
सियासी माहौल गर्म
बीजेपी इस मुद्दे को बिहार विधानसभा चुनाव में भुनाने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष इसे वोट चोरी के खिलाफ जन-आंदोलन बता रहा है। बिहार की जनता इस सियासी जंग में किसका साथ देगी, ये तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन फिलहाल, पटना की सड़कों पर पुतला दहन और नारेबाजी ने सियासत को और गर्मा दिया है!