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राजनांदगांव : वैचारिक दरिद्रता के चलते कांग्रेस अराजक व असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रही है : खूबचंद पारख

सचिन पायलट अपने आका को खुश करने के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं

राजनांदगांव । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता खूबचंद पारख ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगातार ‘वोट चोरी’ शब्द का इस्तेमाल करने पर अपना ऐतराज जताते हुए कहा है कि कांग्रेस की डिक्शनरी में शुचितापूर्ण संसदीय शब्दों का अभाव है। कांग्रेस हमेशा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करती है, जिनका जुड़ाव कहीं-न-कहीं असंसदीय भाषा से होता है.श्री पारख ने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में एक है और हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का वैश्विक सम्मान है और कांग्रेस ऐसे ‘वोट चोरी’ शब्द का इस्तेमाल करके हमारी लोकतांत्रिक शक्तियों पर सवाल खड़ा करके ओछी राजनीति कर रही है।

भाजपा नेता खुबचंद पारख ने कहा कि विपक्ष को हमेशा सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से भारत में विपक्ष हमेशा विध्वंस, हिंसा और अराजकता की नकारात्मक भूमिका में ही है। इसलिए कांग्रेस व उसके नेताओं की प्रतिष्ठा लगातार कम होती जा रही है। पारख जी ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाषा की गरिमा सदैव सर्वोच्च रही है। लेकिन कांग्रेस हमेशा भाषा की गरिमा को ताक पर रखकर राजनीति करती आ रही है। समाज में झूठे नरैटिव को गढ़ने का टेंडर कांग्रेस ने ले रखा है। लगातार ‘वोट चोरी’ जैसे कथित शब्दों का इस्तेमाल कर कांग्रेस भ्रामक प्रचार कर रही है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए भाषा की गरिमा और मजबूत संसदीय व्यवस्था को ध्यान में रख कर कांग्रेस को शब्दों का चयन करना चाहिए। ‘वोट चोरी’ शब्द पूरी तरह असंसदीय है और दुनिया के किसी शब्दकोष में यह शब्द नहीं है। पर कांग्रेस का पूरा राजनीतिक इतिहास असंसदीय भाषा व आचरण से भरा पड़ा है। दरअसल वैचारिक दरिद्रता के चलते कांग्रेस अराजक व असंसदीय वामपंथी भाषा और विचारों पर पल रही है और यही अब कांग्रेस की नियति हो चली है।कांग्रेस अपनी हार की जिम्मेदारी लेने से बचने हेतु कभी इ वि एम् पर सवाल खड़ी करती है अब आगामी चुनावो में अपनी हार सुनिश्चित देख कर वोट चोरी का नेरेटिव चला कर फिर हार की जिम्मेदारी से भागने का प्रयास कर रही है | पारख ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रभारी सचिन पायलट भी इसी असंसदीय भाषा का प्रयोग करने के लिए छत्तीसगढ़ पधार रहे हैं।


पारख ने चुटकी लेते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस में प्रतिस्पर्धा चल रही है, जो जितना अमर्यादित और अशोभनीय शब्दों का उपयोग करेगा, वह अपने आका राहुल को उतना ही प्रिय होगा।

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