CG : भांचा राम के दर्शन करने निकली श्रद्धालुओं की सवारी, 204 श्रद्धालु करेंगे अयोध्या और काशी के दर्शन…

जशपुरनगर । शासन द्वारा छत्तीसगढ़ के अपने प्रिय भांचा राम के दर्शन के लिए शुरू की गई रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक आस्था बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस योजना के द्वारा राज्य के श्रद्धालुओं को अयोध्या में स्थित भगवान रामलला एवं काशी के बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन का अवसर मिलता है।
जशपुर जिले में योजना प्रारंभ से अब तक 1836 श्रद्धालुओं ने योजना का लाभ लिया है। इस योजनांतर्गत बुधवार को जिले के 204 श्रद्धालुओं को योजनांतर्गत रामलला के दर्शन के लिए 05 बसों के द्वारा रवाना किया गया। जहां कांसाबेल में कांसाबेल क्षेत्र की जनपद पंचायत सदस्य शिप्रा दास, सरपंच अनिल खलखो, जनप्रतिनिधि सुनील गुप्ता, पुरुषोत्तम व्यास, नारायण दास, सुभाष गुप्ता एवं ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिसमें जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर से 17, जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा से 10, जनपद पंचायत क्षेत्र बगीचा से 19, नगर पालिका क्षेत्र जशपुर से 10, नगर पंचायत क्षेत्र बगीचा से 8, जनपद पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 18, जनपद पंचायत क्षेत्र दुलदुला से 12, जनपद पंचायत क्षेत्र फरसाबहार से 27, नगर पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 16, जनपद पंचायत क्षेत्र पत्थलगांव से 26, जनपद पंचायत क्षेत्र कांसाबेल से 21, नगर पालिका क्षेत्र पत्थलगांव से 12 और नगर पंचायत क्षेत्र कोतबा से 8 रामभक्त अयोध्या में भगवान राम का दर्शन हेतु रवाना हुए।
उल्लेखनीय है कि रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलता है, जिसमें जशपुर से अंबिकापुर बस द्वारा ले जाकर अम्बिकापुर से विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या जाने की व्यवस्था होती है। इसके साथ ही वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहती है। इस यात्रा में उन्हें सरयू एवं गंगा आरती के साथ बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन का भी आनंद प्राप्त होता है।
छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है, यहां के लोग उन्हें भांचा राम के नाम से भी जानते हैं। भगवान राम के प्रति आस्था प्रदेश के कण कण पर व्याप्त है। अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के बाद लोग अपने आप को धन्य महसूस करते हैं। दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के चेहरे पर वृहद उत्साह दिखाई दे रहा था। सभी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शासन के प्रति आभार जताया।





