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रायपुर। छत्त्तीसगढ़ में एक बार फिर स्कूली शिक्षा सत्र बीतने को है। अभी तक राज्य में पिछले और इस साल मिलाकर दो लाख से अधिक बालिकाओं को साइकिल नहीं मिल पाई है। अनुसूचित जाति, जनजाति और बीपीएल परिवारों की बालिकाओं के लिए चल रही सरस्वती साइकिल योजना का बजट पिछले साल से ही अफसर दबाकर बैठ गए हैं। स्थिति यह है कि प्रदेश में पिछले साल 2020-21 में 28 में से केवल 20 जिलों में शिक्षा विभाग ने साइकिल बांटने के लिए फंड भेजा था। बाकी आठ जिलों के लिए समय पर राशि ही नहीं भेजी गई।
आंकड़ों पर एक नजर
- 1,74,652 बालिकाओं को मिलना था पिछले साल 2020-21 में साइकिल
- 18, 24, 95,371 रुपये पिछले साल भेजा गया था कुल बजट
- 08 जिलों की 50 हजार से अधिक बालिकाओं को पिछले साल नहीं मिली साइकिल
- 21 जिलों के एक लाख 223 बालिकाओं के लिए इस साल भेजा है बजट
- 50 हजार बालिकाओं को पिछले साल भी नहीं मिल पाइ है साइकिल
- 1.60 लाख बालिकाओं को इस साल भी देनी है साइकिल
पिछले साल 2020-21 में प्रदेश के एक लाख 74 हजार 652 बालिकाओं को साइकिल मिलनी थी। इनमें करीब 50 हजार बालिकाओं को आज तक साइकिल नहीं मिली है। इस साल भी यही हालात हैं। अभी तक केवल 28 जिलों में से 21 जिलों के एक लाख 221 बालिकाओं के लिए राशि भेजी गई है, जबकि इस साल 2021-22 में भी करीब 1.60 लाख बालिकाओं को साइकिल देनी है।
साइकिल की कीमत भी इस बार तय की ज्यादा
कोरोना काल में एक तरफ जहां बालिकाओं के साइकिल बजट को अफसर दबाकर बैठे रहे। वहीं, दूसरी ओर इस साल 2021-22 में 22 इंच की साइकिल की कीमत भी 4126 रुपये तय कर दी गई है, जबकि पिछले साल 22 इंच साइकिल की कीमत 2,850 रुपये थी। एक साल के भीतर साइकिल की कीमत 1,276 तक बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसआइडीसी) को साइकिल का रेट तय करने की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं से इस बार कीमत तय की गई है । बता दें कि रायपुर समेत प्रदेश के सभी 28 जिलों में करीब 70 करोड़ रुपये का बजट है। इस साल प्रदेश भर में 1.60 लाख बालिकाओं को साइकिल देनी है।
केस 01 : रायपुर में पिछले साल मिली, इस साल इंतजार
रायपुर में साल 2020-21 में 10 हजार 375 बालिकाओं को साइकिल वितरित किया था। इस साल नौ हजार 10 बालिकाओं को साइकिल देनी है, पर अभी तक साइकिल के लिए इंतजार है। डीईओ एएन बंजारा का कहना है कि जल्द ही बालिकाओं को साइकिल वितरित कर दी जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
केस 02 : दो साल से बेटियां कर रहीं इंतजार
कोरोना काल के कारण बीते दो साल से कांकेर में 10 हजार से अधिक बेटियों को सरस्वती साइकिल योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। कोरोना संक्रमण और स्कूलों के लगातार बंद होने के कारण साइकिल वितरण की योजना बुरी तरह से प्रभावित रही है। यहां पिछले साल बजट भी रिलीज नहीं किया गया है। यहां के जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे ने बताया कि दो साल का बजट इस साल मिल गया है। अभी खरीदारी की प्रक्रिया शुरू होगी।
केस 03 : दो साल से साइकिल नसीब नहीं
कोरबा में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत 15,821 बालिकाओं को दो साल से साइकिल नहीं मिली है। बालिकाओं को दी जाने वाली साइकिल शिक्षा सत्र 2020-21 व 2021-22 की है। यहां के जिला शिक्षा अधिकारी जेपी भारद्धाज ने बताया कि बजट मिल गया है। इस साल साइकिल मिलने से छात्राओं को स्कूल पहुंचने में सुविधा होगी।
केस 04 : कोंडागांव जैसे वनांचलों में भी परेशानी
पिछले साल कोंडागांव में चार हजार 800 के आसपास थी। इस साल अभी पांच हजार बालिकाएं हैं। यहां के डीईओ एके पटेल बताते हैं कि साइकिल के लिए खरीदारी कर रहे हैं। स्कूलों के फिर से प्रारंभ होने के बाद अब जल्द ही योजना के तहत पात्र छात्राओं को साइकिल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।