15 माह में मिला पीड़िता को न्याय
बिलासपुर। घर के पास खेल रही आठ वर्ष की बच्ची को निर्माणाधीन भवन में ले जाकर दुष्कर्म करने के आरोपित को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड लगाया है। सरकंडा थाना क्षेत्र में रहने वाली आठ वर्ष की बच्ची तीन फरवरी 2021 की शाम 6.30 बजे घर के पास खेल रही थी। उसकी समय आरोपित मोहन देवांगन(36) आया और बच्ची को बहलाकर निर्माणाधीन मकान की तरफ ले गए। छत पर लेकर जाकर आरोपित बच्ची से दुष्कर्म करने लगा।
इस पर बच्ची चिल्लाने लगी। बच्ची की आवाज सुनकर उसका दादा व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपित मोहन को बच्चे से गलत हरकत करते देखा। भीड़ जुटने पर आरोपित ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सौंप दिया था। बच्ची के दादा की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपित को जेल भेज दिया था। मामले की जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। प्रकरण की सुनवाई प्रथम एफटीएससी अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार तिवारी के कोर्ट में हुई। आरोपित सिद्ध होने पर न्यायालय ने आरोपित मोहन देवांगन को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई है। साथ ही पांच सौ स्र्पये अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के बाद पुलिस ने आरोपित को जेल दाखिल किया है।
तत्कालीन सरकंडा थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित विवेचना की। पुलिस स्टाफ को घटना स्थल भेजकर नक्शा से लेकर स्वजन व गवाहों का बयान दर्ज किया गया। सभी प्रकार की दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। ताकि जल्द से जल्द पीड़िता को न्याय मिल सके। कोर्ट में लगातार मामले की सुनवाई चल रही थी। घटना के 15 माह बाद गुस्र्वार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपित युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुनर्वास के लिए प्रतिकर निर्धारण कर पीड़िता को पर्याप्त प्रतिकर प्रदान करने के लिए मामला प्रेषित करने को कहा है।