बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक: दिव्यांगों, किसानों और उद्योगों के लिए बंपर फैसले
मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में एक के बाद एक बड़े फैसले लिए गए। कुल 26 प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई, जो समाज कल्याण, औद्योगिक विकास, किसानों की भलाई और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। चलिए, इन फैसलों को आसान और देसी अंदाज में समझते हैं!
दिव्यांगों के लिए मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना
बिहार सरकार ने दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक शानदार स्कीम शुरू की है। “मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना” समाज कल्याण विभाग की “संबल” योजना के तहत चलेगी, और इसे अल्पसंख्यक उद्यमी योजना की तर्ज पर डिज़ाइन किया गया है। इस स्कीम में दिव्यांगों को बिजनेस शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये की सब्सिडी और 5 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त लोन मिलेगा। इस साल 100 लोगों से शुरुआत होगी, और 2025-26 में इसके लिए 10.25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यानी, अब दिव्यांग भाई-बहन भी अपने सपनों को उड़ान दे सकेंगे
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025
उद्योग लगाने वालों के लिए खुशखबरी! बिहार सरकार ने “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025” को मंजूरी दे दी है। भोजपुर, शेखपुरा, रोहतास, शिवहर, दरभंगा, पूर्णिया और पटना में औद्योगिक विस्तार और फिनटेक सिटी (फतुहा) के लिए ज़मीन अधिग्रहण को हरी झंडी मिली। इससे न सिर्फ बिहार में निवेश बढ़ेगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोज़गार भी मिलेगा। पहले ही नीतीश कुमार ने 16 अगस्त 2025 को ऐलान किया था कि उद्यमियों को दोगुनी सब्सिडी और मुफ्त ज़मीन दी जाएगी।
किसान सलाहकारों का मानदेय बढ़ा
किसानों की मदद करने वाले किसान सलाहकारों के लिए भी सरकार ने बड़ा दिल दिखाया। अब इन्हें हर महीने 13,000 रुपये की जगह 21,000 रुपये मानदेय मिलेगा। ये नई दर 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी, और इसके लिए 67.87 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट पास किया गया है। खेती-किसानी को और बेहतर करने में ये सलाहकार अहम भूमिका निभाते हैं, और अब उनकी मेहनत को और सम्मान मिलेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के डीलरों को तोहफा
राशन डीलरों के लिए भी खुशखबरी! राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत डीलरों का कमीशन बढ़ा दिया गया है। पहले प्रति क्विंटल 90 रुपये (45 रुपये केंद्र + 45 रुपये राज्य) मिलता था, लेकिन सितंबर 2025 से ये बढ़कर 258.40 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। इसमें 90 रुपये केंद्र और राज्य से, और 47 रुपये अतिरिक्त राज्य योजना से जोड़े जाएंगे। ये कदम खाद्य सुरक्षा को और मज़बूत करेगा।
बाल श्रम उन्मूलन की रणनीति
बिहार सरकार ने बच्चों और किशोरों को श्रम से मुक्त कराने के लिए “बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन रणनीति व कार्य योजना 2025” को मंजूरी दी। ये योजना बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा मजबूरी में काम न करे।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा
बिहार अब दुनिया से और कनेक्ट होगा! कैबिनेट ने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को बढ़ाने की नीति को मंजूरी दी। इससे बिहार के लोग आसानी से विदेश यात्रा कर सकेंगे, और टूरिज़्म-बिजनेस को भी बूस्ट मिलेगा।
क्यों हैं ये फैसले खास?
ये सारे फैसले बिहार को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं। चाहे वो दिव्यांगों को सशक्त करना हो, किसानों की आय बढ़ाना हो, या उद्योगों को बूस्ट देना हो, नीतीश सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखा है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ये फैसले जनता के बीच सरकार की प्रो-डेवलपमेंट इमेज को और मज़बूत करेंगे।