खैरागढ़नगर पालिका के उपयोग के लिए छह साल पहले 5 लाख की लागत से खरीदी गई मिनी फायर ब्रिगेड रातों-रात गायब कर दी गई। प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने के बाद नगर पालिका में भाजपाईयों की जांच और पूछताछ में उक्त खुलासा हुआ है।
बताया गया कि पालिका के लिए मिनी फायर ब्रिगेड की खरीदी छह साल पहले की गई थी। हालांकि इसका उपयोग कभी नहीं किया गया। सिविल लाइन स्थित मंगलभवन में ही वाहन छह साल तक खड़े खडे़ कंडम होता रहा।
पालिका के तत्कालीन खरीदी करने वाले अधिकारियों से लेकर वर्तमान तक के अधिकारियों ने इसकी मरम्मत और उपयोग को लेकर कोई जवाबदारी नहीं निभाई। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद इस मशीन की तलाश की गई तो मशीन मंगल भवन से गायब मिली। इसके बाद इसकी पूछताछ और जांच से पालिका में हड़कंप मचा है।
बिना जानकारी निकालने का आरोप
मंगल भवन में खडे़ रहे मिनी फायर ब्रिगेड वाहन को छह माह पूर्व तत्कालीन पदस्थ सीएमओ सूरज सिदार द्वारा बिना किसी कागजी कार्यवाही के निकालने का आरोप भाजपाईयों ने लगाया है। भाजपा के जिला महामंत्री रामाधार रजक ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में मिनी फायर ब्रिगेड को सीएमओ रहे सिदार ने पालिका में बिना जानकारी और कागजी कार्यवाही के मनेन्द्रगढ़ भेजा है। इसकी लिखित शिकायत पालिका में करते हुए रजक ने बताया कि तत्कालीन सीएमओ पर एफआईआर दर्ज कराने, पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग की गई है।
कोई कार्रवाई नहीं, फाइल भी गायब
मिनी फायर ब्रिगेड मशीन को खैरागढ़ से ले जाने मरम्मत कराने सुधार सहित अन्य कार्यों के लिए पालिका प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। रजक ने कहा कि अगर मिनी फायर ब्रिगेड वाहन खराब और कंडम था तो उसे मरम्मत, सुधार के लिए टेंडर सहित वर्कशॉप ले जाने अन्य प्रक्रिया पालिका प्रशासन को करनी थी। नोटशीट और फाइल बनानी थी लेकिन ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले से संबंधित फाइल को भी पालिका से गायब कर दिया है। इससे सीधा प्रतीत होता है कि इसे गुपचुप तरीके से बेचने और आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया गया है। मामले में जांच के बाद एफआईआर होनी आवश्यक है। मामला सामने नहीं आता तो इसे चुपचाप बेच दिया जाता।