रायपुर,


नारायणपुर जिले में गणतंत्र दिवस पूरे हर्षाेल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। मुख्य समारोह शासकीय उच्चतर माध्यमिक खेल मैदान में आयोजित हुआ। जहां विधानसभा क्षेत्र कोण्डागांव की विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जनता के नाम संदेश का वाचन किया। गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में 14 प्लाटून शामिल हुए, जिनमें शस्त्र सहित आईटीबीपी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, महिला पुलिस बल, और नगर सेना (महिला) प्रमुख रहीं। शस्त्र रहित प्लाटून में रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ के बैंड दल ने भाग लिया। परेड का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक कुलदीप बंजारे और उप निरीक्षक संजय टोप्पो ने किया।
समारोह में मुख्य अतिथि सुश्री लता उसेण्डी ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिले में उत्कृष्ट कार्य के लिए 74 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति और पारंपरिक नृत्यों पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जूनियर वर्ग में पीएमश्री मिडिल स्कूल पोर्टा केबिन देवगांव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान पूर्व माध्यमिक शाला बंगलापारा एवं तृतीय स्थान आदित्य एकेडमी बचपन प्ले स्कूल को मिला। परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय गरांजी को विशेष पुरस्कार दिया गया। सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सुलेंगा, द्वितीय स्थान सेजेस महावीर चौक तथा तृतीय थान शासकीय बुनियादी कन्या शिक्षा परिसर गरांजी को मिला। मार्च पास्ट में प्रथम स्थान जिला पुलिस बल महिला, द्वितीय स्थान जिला पुलिस बल पुरूष तथा तृतीय स्थान 53वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल को प्राप्त हुआ।
जिला स्तरीय समारोह में 16 विभागों द्वारा अपनी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित झांकियां निकाली गई, जिसमें नगर पालिका परिषद को प्रथम, पुलिस एवं जेल विभाग को द्वितीय तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक श्री नारायणप्रसाद साहू और परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती प्रतिभा शर्मा ने किया। समारोह में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।