छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग में भिलाई के सेक्टर एरिया में लगातार हो रहे गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत पर दुर्ग कलेक्टर डॉ. एसएन भुरे ने सख्त संज्ञान लिया है. उन्होंने BSP और निगम के अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई. बैठक में उन्होंने सेक्टर 1, 2, 4, 6, 7 व 8 में हो रहे गंदे पानी की सप्लाई को लेकर जमकर नाराजगी जताई. टाउनशिप एरिया में हो रहे दूषित व मटमैले पेयजल सप्लाई की शिकायत कलेक्टर दुर्ग को लगातार मिल रही थीं. इस दूषित पानी से आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव ना पड़े इसके लिए कलेक्टर ने भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों और नगर निगम आयुक्त को जमकर फटकार लगाई और इस शिकायत को जल्द से जल्द दूर करने के लिए कड़े निर्देश दिए है.
जल्दी समस्या हल करो नहीं तो मैं एक्शन लूंगा: DM
कलेक्टर ने बीएसपी के अधिकारियों के साथ जल आपूर्ति के प्रभावी नियंत्रण के लिए वितरण प्रणाली पर चर्चा की. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि टाउनशिप के घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई क्यों हो रही है. इस पर बीएसपी के अधिकारियों ने अपनी सफाई दी. लेकिन कलेक्टर ने उन्हें फटकारते हुए कहा कि उनका तर्क मानने योग्य नहीं है. कलेक्टर ने बीएसपी अधिकारियों को फटकारते हुए नागरिकों के बुनियादी हित को ध्यान में रखकर करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि अगर बीएसपी अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो मैं इस एक्शन लूंगा. इसके साथ ही उन्होंने पाइप लाइन के रिसाव संबंधी जांच और नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को युद्ध स्तर में कार्य करने के निर्देश दिए.
बैकलेन और सीवरेज की सफाई को लेकर की चर्चा
बैठक के दौरान कलेक्टर ने निगम अधिकारियों बारिश से पहले बीएसपी टाउनशिप में 700 से अधिक बैकलेन की सफाई और सीवरेज लाईन साफ व दुरुस्त करने के निर्देश दिए. चर्चा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि बैकलेन की सफाई किस तरह से की जाए. साथ ही घरों के सामने की गलियां साफ दिखे यह कैसे संभव होगा. इस पर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने बताया कि बैकलेन में गंदगी का मुख्य कारण गीला एवं सुखा कचरा को अलग न करना और कचरा प्रबंधन लिए कचरा वाहन का उपयोग न करना है. इसके बाद कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैकलेन की सफाई के लिए बीएसपी योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें. बरसात से पहले इन सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए. साथ ही यह भी कहा कि इस कार्य के दौरान नगर वासियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.