शेयर मार्केट में 10% मुनाफे का झांसा देकर बाप-बेटों ने की 50 करोड़ की ठगी
छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। DYPDHURWE BROTHERS CONSULTANTS PVT. LTD. के नाम पर शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर एक बाप और उसके दो बेटों ने मिलकर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की। मंगलवार, 20 अगस्त 2025 को कवर्धा पुलिस ने इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानते हैं!
क्या है पूरा मामला?
30 अक्टूबर 2024 को कवर्धा निवासी शिव सोनी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि DYPDHURWE BROTHERS CONSULTANTS PVT. LTD. ने उन्हें शेयर मार्केट में हर महीने 10% मुनाफा और एक साल बाद मूलधन वापस करने का झांसा देकर ठग लिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने IPC की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस की गहन जांच में पता चला कि आरोपियों—धर्मेश धुर्वे (35), यतीन्द्र धुर्वे (29), और नारायण प्रसाद धुर्वे (56)—ने न सिर्फ कवर्धा, बल्कि बिलासपुर और अन्य जिलों में भी सैकड़ों निवेशकों को अपने जाल में फंसाया। कुल मिलाकर, उन्होंने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की।
तथ्य जांच: यह जानकारी कवर्धा पुलिस और स्थानीय समाचार स्रोतों से पुष्ट है। शिकायतकर्ता शिव सोनी की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया।
ठगी के पैसे से खरीदीं आलिशान संपत्तियां
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ठगी के पैसों से शानदार संपत्तियां खड़ी कीं।
- बिलासपुर में 57 लाख रुपये की जमीन खरीदी।
- कवर्धा में 1 करोड़ 10 लाख रुपये की जमीन हासिल की।
- इसके अलावा, टाटा हैरियर और मारुति अर्टिगा जैसी लग्जरी गाड़ियां भी खरीदीं।
तथ्य जांच: पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से इन संपत्तियों के दस्तावेज और वाहन जब्त किए हैं, जैसा कि समाचार स्रोतों में बताया गया है।
पुलिस की कार्रवाई: कैसे हुआ भंडाफोड़?
डीएसपी कृष्णा चंद्राकर ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने कई दिनों तक मेहनत की। दस्तावेजों की जांच, बैंक ट्रांजेक्शन्स का विश्लेषण, और विभिन्न जिलों में छापेमारी के बाद तीनों आरोपियों को धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज, गाड़ियां, और अन्य अहम सबूत जब्त किए।
आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के जाल में कितने निवेशक फंसे और कुल रकम कितनी हो सकती है।
तथ्य जांच: पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी की जानकारी विश्वसनीय स्रोतों से पुष्ट है।
कैसे बचें ऐसी ठगी से?
यह मामला एक बार फिर सतर्कता की जरूरत को दर्शाता है। शेयर मार्केट में निवेश का लालच देने वाली कंपनियों से सावधान रहें।
- टिप 1: किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और SEBI रजिस्ट्रेशन चेक करें।
- टिप 2: ज्यादा मुनाफे का वादा करने वाली स्कीम्स से बचें।
- टिप 3: निवेश से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से जरूर बात करें।
तथ्य जांच: SEBI की वेबसाइट (www.sebi.gov.in) पर निवेशकों के लिए गाइडलाइंस उपलब्ध हैं, जो ऐसी ठगी से बचने में मदद करती हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस की सख्ती
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा, “छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। निवेशकों को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी लालजी सिन्हा, साइबर प्रभारी मनीष मिश्रा, और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
यह घटना निवेशकों के लिए एक सबक है कि जल्दबाजी में लिए गए फैसले भारी पड़ सकते हैं। अगर आप भी शेयर मार्केट में निवेश की सोच रहे हैं, तो पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
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