अक्टूबर में 3,800 पैसेंजर ईवी बेचे गए, जिनमें से एचडीएफसी बैंक ने 589 व्हीकल को फाइनेंस किया है. बैंक ने अक्टूबर में 170 करोड़ रुपये के ऐसे लोन दिए हैं.देश में इलेक्ट्रिकल व्हीकल ( के क्रेज को देखते हुए एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) बड़ी प्लानिंग करने जा रहा है. अगले तीन सालों में बैंक ईवी लोन
के साइज को तीन गुना करने की करने की तैयारी में है. बैंक ने शुरुआत में ईवी लोन की टेस्टिंग की थी, जिसके रिजल्ट काफी बेहतर देखने को मिले हैं. इसी वजह से बैंक ने अपने लोन साइज को बढ़ाने का निर्णय लिया है. शुरुआत में 589 ईवी की खरीद पर बैंक का 5,100 करोड़ रुपये का लोन दे चुका है. जिसे साल 2025 तक बढ़ाकर तीन गुना यानी 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा करने का है.
तीन साल में 3 गुना तेजी की उम्मीद
एचडीएफसी बैंक के बिजनेस हेड-ऑटो लोन विकास पांडे ने जानकारी देते हुुए कहा कि हम साल 2031-32 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के टारगेट को ध्यान में रखे हुए हैं. जिसकी वजह से बैंक ईवी फाइनेंसिंग को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बैंक पैसेंजर व्हीकल फाइनेंसिंग में सबसे आगे है. मार्केट में 100 ईवी में से 15 से 17 व्हीकल को बैंक ही फाइनेंस कर रहा है. इसलिए, बैंक के पास 15 फीसदी से ज्यादा की बाजार हिस्सेदारी है.
अक्टूबर में 3,800 पैसेंजर ईवी बेचे गए, जिनमें से एचडीएफसी बैंक ने 589 व्हीकल को फाइनेंस किया है. बैंक ने अक्टूबर में 170 करोड़ रुपये के ऐसे लोन दिए हैं. पांडे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार व्हीकल के फाइनेंस की संख्या के मामले में इस साल हम कम से कम 2.5 गुना वृद्धि देख रहे हैं. अगले तीन सालों में यह तेजी 3 गुना की देखने को मिल सकती है. साल 2025 तक बैंक 20 फीसदी से अधिक की बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य बना रहे हैं.
शहरी इलाकों में इंफ्रा बेहतर
मौजूदा समय में एचडीएफसी बैंक 8.05 फीसदी की ब्याज दरों के साथ ईवी पर लोन दे रहा है. जिसका टेन्योर 8 साल है और एवरेज लोन टिकट साइज 17 लाख रुपये है. अगर डिमांड की बात करें तो महानगरों और शहरी इलाकों की मांग में 80 फीसदी की हिस्सेदारी है. पांडे के अनुसार देश का रिचार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शहरी इलाकों की ओर झुका हुआ है, जिसे हम सेमी अर्बन और ग्रामीण इलाकों में देखने को नहीं मिल रहा है.10 महीने में 20,500 ईवी बिके भारत के 270 शहरों में 2,500 ईवी चार्जर हैं. इनमें से करीब 500 महाराष्ट्र में हैं. पांडे के अनुसार, एचडीएफसी बैंक ने 80 फीसदी लोन टाटा मोटर्व की ईवी कके लिए दिया है, उसके बाद नंबर एमजी मोटर्स और हुंडई का है. पिछले साल देश में 19,500 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बिके थे. इस साल अक्टूबर तक 20,500 वाहन बेचे जा चुके हैं. आज, ऑटोमोबाइल सेक्टर में ईवी पैसेंजर व्हीकल की पहुंच 1 फीसदी से कम है. भारत का ईवी फाइनेंस मार्केट 2030 तक 50 बिलियन डॉलर (4.1 लाख करोड़ रुपये) का हो जाएगा, जब देश में 30 फीसदी निजी कारों, 70 फीसदी वाणिज्यिक वाहनों और 80 फीसदी दोपहिया और तिपहिया वाहनों के इलेक्ट्रिक का उपयोग होने की उम्मीद है.