राजनांदगांव जिले के ठेलकाडीह थाने में फर्जी जमीन दस्तावेज बनाकर जमीन का विक्रय करने के दर्ज मामले में पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है
राजनांदगांव/खैरागढ़. राजनांदगांव जिले के ठेलकाडीह थाने में फर्जी जमीन दस्तावेज बनाकर जमीन का विक्रय करने के दर्ज मामले में पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को ठेलकाडीह थाना पहुंचे आवेदक तिलक वर्मा पिता गरीब दास वर्मा 29 साल निवासी वार्ड नं. 5 मोतीपुर राजनांदगांव ने लिखित आवेदन पेश किया कि ग्राम तिलईभाठ निवासी चेतन वर्मा ने षड्यंत्र पूर्वक जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन का विक्रय किया। खसरा क्रमांक 68/3 रकबा 1.098 हेक्टेयर भूमि ग्राम तिलईभाठ पटवारी हल्का नंबर 18 की भूमि को 28 अक्टूबर 2020 को 6,80,000 रूपए में प्रार्थी के द्वारा खरीदा गया था। जिसका राजस्व विभाग में नामांतरण के बाद भूमि का कब्जा लेने के लिए गया। तब मौके पर पता चला कि उक्त खसरा नंबर की भूमि मौके पर विद्यमान नहीं है, जिससे प्रार्थी को यह स्पष्ट हुआ कि ऑनलाईन रिकार्ड में छेड़छाड़ कर आरोपी द्वारा प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी किया गया। जिसकी रिपोर्ट पर मामले में धारा 420, 467, 468, 471,34 के तहत अपराध घटित करना पाए जाने से आरोपी के विरूद्ध थाना ठेलकाडीह में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
भुईयां पोर्टल में मिला रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ठेलकाडीह सतीश पुरिया के नेतृत्व में इस प्रकरण की जांच करने विशेष टीम का गठन किया गया। आवेदक और गवाहों का विस्तृत कथन लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। इस खसरा नंबर के मूल स्वामी से पूछताछ कर विस्तृत कथन लेने पर ज्ञात हुआ कि खसरा नं. 68 केवल 53 डिसमील की मूल भूमि है। जिसका 68/1 व 68/2 ही बटांकन हुआ है। तीसरा बटांकन कभी नहीं हुआ है। इस संबंध में पटवारी से राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने पर पता चला कि विवादित खसरा नं. 68/3 रकबा 1.098 हेक्टेयर केवल ऑनलाईन भुईयां पोर्टल रिकार्ड में दर्ज है। मेनुवल रिकार्ड पर इसका कोई रिकार्ड नहीं है।
पटवारियों के नीचे काम करता था आरोपी
पुलिस ने मामले में जानकारी प्राप्त करने के बाद आरोपी चेतन वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह विभिन्न पटवारियों के नीचे उनके निर्देशन में राजस्व विभाग से संबंधित समस्त कार्य मासिक वेतन पर करता था। उसी दौरान मेनुवल रिकार्ड को ऑनलाईन रिकार्ड दर्ज करते समय इस खसरा नंबर का सृजन कर अपने नाम पर इस खसरा नंबर का स्वामित्व दर्शित किया था। मौके पर इस खसरा नंबर की भूमि नहीं होना बताया और उक्त विवादित खसरा नंबर के दस्तावेज उपलब्ध कर जब्त कराया।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में डाल दिया था दस्तावेज
आरोपी के द्वारा धोखाधड़ी कर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे असली बताकर प्रार्थी तिलक वर्मा को 6,80,000 रुपए में बिक्री कर धोखाधड़ी करने का सबूत पाए जाने से आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की जानकारी राजस्व विभाग से प्राप्त की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीष पुरिया, सउनि सीआर आर्य, प्रआर रमेश कोरेटी, आर बिजेश कुमार, सुरेंद्र सिन्हा की भूमिका महत्वपूर्ण रही।राजनांदगांव निवासी तिलक वर्मा ने जमीन की रजिस्ट्री लगभग डेढ़ साल पहले की थी। जमीन की खरीदी के बाद ऑनलाइन रिकार्ड में दस्तावेज डाले जाने के चलते जमीन विक्रेता को इसकी ऑनलाइन कापी नक्सा खसरा भी मिल गया। विक्रेता तिलक वर्मा जब रिकार्ड लेकर मौके पर अपनी जमीन देखने गए तो पता चला कि उनके रिकार्ड में मौजूद खसरा नंबर वहां पर उपलब्ध ही नहीं है। जिसके बाद उन्होनें इसकी जानकारी निकाली और उन्हे फर्जीवाड़े का पता चला। सोमवार को ही प्रार्थी तिलक ने ठेलकाडीह थाने में मामला दर्ज कराया था। 24 घंटे में ही पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी एमसीए पास युवक को धर दबोचा।