शराब खरीदने का नया नियम: अब दुकानों पर सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट से मिलेगी बोतल, इस राज्य में लागू हुआ फैसला, शराब दुकानों पर विवाद
छत्तीसगढ़ में शराब खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! बीजेपी सरकार ने शराब की दुकानों से नकद लेन-देन को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है। अब सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट से ही शराब खरीद सकेंगे। दूसरी तरफ, मुंबई के ब्रीच कैंडी इलाके में शराब दुकानों को लेकर हंगामा मचा है। आइए, इन दोनों खबरों को देसी अंदाज में समझते हैं!
छत्तीसगढ़: शराब खरीदने के लिए अब सिर्फ डिजिटल पेमेंट
छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार शराब की बिक्री को पारदर्शी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। नये आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने पद संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक की और साफ निर्देश दिए कि सभी शराब दुकानों पर 100% पेमेंट ऑनलाइन होगा। कैश? भूल जाओ! जल्द ही हर दुकान पर QR कोड और POS मशीनें होंगी, ताकि आप UPI, कार्ड या डिजिटल वॉलेट से पेमेंट कर सकें।
क्या है मकसद सरकार का कहना है कि इससे कालाबाजारी और अवैध कमाई पर रोक लगेगी। पहले 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले ने सबको हिलाकर रख दिया था, जिसके बाद ये कदम उठाया गया।
शराब दुकानों में CCTV और 24×7 निगरानी
मंत्री जी ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि हर शराब दुकान पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, और इनकी 24 घंटे मुख्यालय से निगरानी होगी। यानी, कोई गड़बड़ करने की कोशिश करेगा, तो सीधे पकड़ा जाएगा। साथ ही, लाइसेंस सिस्टम, बार और क्लबों की भी पूरी समीक्षा होगी, ताकि हर काम पारदर्शी हो।
अवैध शराब पर शिकंजा
अवैध शराब की बिक्री, भंडारण और तस्करी पर अब कड़ा एक्शन होगा। होटल, ढाबों और फार्महाउस में होने वाली शराब पार्टियों पर नजर रखी जाएगी। राज्य की सीमाओं पर चेक पोस्ट्स पर खास अभियान चलेगा, ताकि बाहर से आने वाली अवैध शराब को रोका जा सके। सरकार ने नए होलोग्राम भी लॉन्च किए हैं, जो हर बोतल पर लगेंगे, ताकि नकली शराब की पहचान हो सके।
मुंबई: ब्रीच कैंडी में शराब दुकानों पर बवाल
उधर, मुंबई के पॉश ब्रीच कैंडी इलाके में शराब दुकानों को लेकर तगड़ा विवाद छिड़ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार को चिट्ठी लिखकर इन दुकानों को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि ये इलाका घनी आबादी वाला है, जहां दो स्कूल और एक अस्पताल पास में हैं। शराब दुकानों की वजह से इलाके में शराबियों का जमावड़ा बढ़ गया है, जिससे लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि इन दुकानों की वजह से माहौल खराब हो रहा है, और कानून-व्यवस्था की समस्या बढ़ रही है। सुप्रिया सुले ने सरकार से तुरंत एक्शन लेने को कहा है, ताकि लोगों को राहत मिले।
क्या होगा असर?
छत्तीसगढ़ में ये नए नियम शराब की बिक्री को और पारदर्शी बनाएंगे, साथ ही अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी। वहीं, मुंबई में अगर शराब दुकानें बंद होती हैं, तो ब्रीच कैंडी के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सरकारें इन फैसलों को पूरी सख्ती से लागू कर पाएंगी? आप क्या सोचते हैं, कमेंट में बताइए!