छत्तीसगढ़ में रायपुर एम्स के डायरेक्टर डाक्टर नितिन नागरकर ने आज यानी सोमवार को इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा भारत सरकार को भेज दिया है। अब वे 31 मार्च तक ही सेवा में रहेंगे। डाक्टर नितिन नागरकर एम्स रायपुर के पहले डायरेक्टर हैं। साल 2012 से लगातार डायरेक्टर पद पर थे।।
निदेशक डा. नितिन एम. नागरकर का कहना है कि घर में कोई डाक्टर नहीं है। पिताजी, चाचा, भाई समेत परिवार में सभी इंजीनियर हैं। उनका भी मन था कि वह इंजीनियर बनें, लेकिन दादी ने कहा कि डाक्टर बनना है। उन्होंने कहा कि चूंकि इंजीनियरिंग में रुचि है, इसलिए एम्स में जब भी कंस्ट्रक्श्ान का काम चलता है तो वहां जाकर घंटों रहकर काम कराते हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में रोगियों के लिए उपलब्ध बेड की संख्या अब रियल टाइम बेसिस पर वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। इस टैब पर कई अन्य जानकारियां भी उपलब्ध होंगी, जिसमें आइपीडी और ओपीडी रोगियों की संख्या, विभिन्न् जांच की स्थिति की जानकारी भी ली जा सकेगी। इसके साथ ही शीघ्र ही एप के साथ वेबसाइट पर भी रोगियों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेंगी। पेशेंट डैशबोर्ड सुविधा का प्रारंभ निदेशक प्रो. (डा.) नितिन एम. नागरकर ने शनिवार को किया। एम्स की वेबसाइट पर पेशेंट केयर डैशबोर्ड के नाम से उपलब्ध इस टैब में ओपीडी व इमरजेंसी में रोगियों की संख्या, जनरल बेड, आइसीयू, एचडीयू और प्राइवेट बेड की संख्या भी रियल टाइम बेसिस पर उपलब्ध होगी। लैबोरेट्री रिपोर्ट, रेडियोडायग्नोसिस आदि की जानकारी भी यहां प्रदान की जा रही है। प्रो. नागरकर ने कहा है कि इससे रोगियों को पारर्दिशता के साथ सारी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इसके साथ ही एम्स द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में दिए जा रहे योगदान की जानकारी भी मिल सकेगी।