छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में धर्मांतरण को लेकर सोमवार को बवाल हो गया। दो पक्षों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान भीड़ ने एक चर्च में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने हंगामा बढ़ते देखा और समझाने पहुंची तो उपद्रवियों ने नारायणपुर एसपी सदानंद कुमार पर हमला कर दिया। उनका सिर फूट गया है। वहीं पथराव में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। थाना प्रभारी को जगदलपुर रेफर किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत एडका के आश्रित गांव गोर्रा में रविवार को इसाई मिशनरी के लोग बैठक कर रहे थे। इस दौरान आदिवासियों से धर्मांतरण को लेकर उनका विवाद हो गया। इस दौरान जमकर मारपीट हुई। पुलिसकर्मी पहुंचे तो उनपर भी हमला किया गया। इसे लेकर सोमवार को आदिवासी समुदाय ने बंद बुलाया था। सुरक्षा-व्यवस्था में सुबह से ही इलाके में पुलिस फोर्स तैनात थी। एसपी-कलेक्टर भी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि अचानक से प्रदर्शन कर रही भीड़ उग्र हो गई और उसने चर्च पर हमला कर दिया। वहां जमकर तोड़फोड़ करने लगे। यह देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें समझाने के लिए पहुंचे। तभी भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। पथराव किया गया और लाठी-डंडे चलने लगे। इसमें एसपी सदानंद कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर टांके लगाए गए हैं।

वहीं कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उन्हें भी अस्पताल भेजा गया है। सभी की स्थिति फिलहाल ठीक बताई जा रही है। घटना के बाद फोर्स मौके पर है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी भी नारायणपुर के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल इलाके में हालात सामान्य है। पुलिस ने स्थिति को काबू में कर लिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा ही है। वहीं आदिवासियों ने धर्मांतरण का आरोप लगाया है।
कोंडागांव से बुलाई अतिरिक्त पुलिस
नारायणपुर जिला मुख्यालय में शांति नगर स्थित है। इस इलाके में ज्यादातर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। ग्रामीणों की भीड़ इसी इलाके में घुसी। IG सुंदरराज पी समेत 4 आईपीएस ऑफिसर नाराज लोगों को समझाने वहां पहुंचे थे। कोंडागांव से अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।
ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों को गांवों से निकाला
धर्मातरण को लेकर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पिछले कई दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इस दौरान हमले और झड़प भी हुई हैं। इससे पहले 18 दिसंबर को ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों को उनके गांवों से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से तनाव जैसे हालात बने हुए हैं।
क्या बोले एसपी?
मामले को लेकर एसपी सदानंद कुमार ने बताया कि आदिवासी समाज के लोगों ने बैठक बुलाई थी। उसमें उनके लीडर्स से कलेक्टर के चैम्बर में हम सब ने बात भी की थी, मगर उसी दौरान कुछ लोग चर्च में तोड़फोड़ करने पहुंच गए। ये पता चलने पर मैं वहां गया। तभी मुझ पर हमला हुआ। फिर हमने लोगों को समझाइश दी। इस केस में कार्रवाई की जाएगी।