राजनांदगांव। वनांचल के स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छुरिया ब्लाक के मोरकुटुंब में चार वर्षों से हाई स्कूल का संचालन किया जा रहा है। दो शिक्षकों के भरोसे हाई स्क्ूल में पढ़ाई हो रही है। ग्रामीण लंबे समय से शिक्षकों की पदस्थापना की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है। गुरुवार को ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की पदस्थापना करने की मांग की।
चार वर्षों से दो शिक्षकों के भरोसे ही स्कूल का संचालन हो रहा है। कई बार एक शिक्षक नहीं आने के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है। जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है।
विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे ध्यानः स्कूल भवन का भी अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की पदस्थापना की मांग को लेकर कई बार गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण शिक्षकों की पदस्थापना की मांग को लेकर थक चुके हैं। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण व बच्चे शिक्षकों की पदस्थापना की मांग को लेकर जिला कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच रेखा बाई, उपसरपंच सुंदरलाल, परशुराम, कमलेश्वरी साहू, कुंवर बाई, मानबाई मंडावी, सकुन बाई, कुलेश्वरी बाई समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
क्षेत्र में 152 स्कूल जर्जर स्कूलों में नये शिक्षा सत्र की शुरुआत हो गई है। लेकिन 152 स्कूलों का खस्ताहाल है। स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो गए है। जिसके चलते पालकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। स्कूल खुलने के पहले मरम्मत हो जाना था। लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। सबसे खराब स्थित खैरागढ़ ब्लाक की है, जहां 37 से अधिक स्कूल जर्जर हालत में हैं।