पूर्व मुख्यमंत्री की प्रक्रिया से अनिभिज्ञता हास्यास्पद – रूपेश दुबे
छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री एवं जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के 12 जातियों को अनुसूचित जनजाति की स्वीकृति वाले मामले पर अज्ञानता पूर्ण दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि छ ग में 15 वर्ष राज करने वाले डॉ रमन सिंह प्रक्रिया से भी अनभिज्ञ हैं यह हास्यास्पद स्थिति है।
महामंत्री एवं प्रवक्ता दुबे ने डॉ रमन सिंह के हास्यास्पद बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसी भी जाति को विशेष दर्जा दिए जाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 342 में स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य के प्रस्ताव पर ही केंद्र सरकार यह स्वीकृति प्रदान कर सकती है इसी क्रम में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने इन जातियों को जो मात्रात्मक त्रुटि के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा था उनकी परेशानियों को देखते हुए 12 जाति समुदाय को अनुसूचित जनजाति समुदाय में शामिल करने के लिए पत्र क्रमांक 823 दिनांक 11 फरवरी 2021 के माध्यम से केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री जी को अनुरोध पत्र प्रेषित किया था उस अनुरोध पत्र के तारतम्य में केंद्र सरकार ने अपनी कैबिनेट की बैठक में इसे पारित किया है जिसके लिए प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने राजनीति से परे हटकर जनजातियों के हित वाले इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार भी व्यक्त किया है उसी तर्ज पर डॉ रमन जी को भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के प्रति केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव प्रेषित करने के लिए आभार व्यक्त करना चाहिए लेकिन इस नैतिकता को भूलकर डॉ रमन सिंह कोरी बयानबाजी में लिप्त हैं।
दुबे ने बताया कि इन 12 जातियों के लिए 15 वर्ष तक छग में राज करने वाली डॉ रमन के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ना तो कोई सुध लिया और ना ही कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास प्रेषित किया कुछ किए हो तो सार्वजनिक कर बताए क्योंकि यदि केंद्र सरकार के पास छ ग राज्य का प्रस्ताव पहुंच जाता तो इन जाति समुदाय के लोगों का पूर्व में ही भला हो जाता क्योंकि 2014 से 18 तक 4 साल केंद्र और राज्य दोनो जगह भाजपा की सरकार थी लेकिन डॉ रमन सिंह अपनी नाकामी छुपाने के लिए मोदी जी के नाम का ढफली बजा रहे हैं डॉ रमन सिंह जी का यह कहना कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को मालूम नहीं कि संसद में बिल कब पेश हुआ यह घोर आपत्तिजनक होने के साथ-साथ हास्यास्पद है क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के पत्र ने ही केंद्र सरकार को कैबिनेट में चर्चा करने और निर्णय लेने का अवसर दिया जिसके लिए कांग्रेस के आदिवासी हितों की नीति वाली छग सरकार बधाई के पात्र है अतः डॉ रमन जी और भाजपा इस मुद्दे पर अपनी ओछी राजनीति का परिचय ना देवे और जैसे राजभवन गए थे उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के प्रति आभार जताए।