राजनांदगांव. प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त नहीं मिलने और रिश्वत की मांग किए जाने से आहत कौरिनभांठा वार्ड 44 निवासी महादेव यादव ने जहर सेवन कर लिया था। 10 दिन तक अस्पताल में संघर्ष करने के बाद शनिवार को महादेव ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने महादेव को गंभीर अवस्था में रायपुर एम्स में भर्ती कराया था। जहर सेवन के इस मामले में परिजनों ने निगम के अफसरों पर किस्त जारी करने में देरी करने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस तरह नगर निगम के खराब सिस्टम ने हितग्राही की जान ले ली।
उक्त हितग्राही की मौत के बाद अब जांच कर दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस बेहद गंभीर मामले में निगम प्रशासन ने आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि मृतक महादेव ने पीएम आवास की जिम्मेदारी संभालने वाले निगम के इंजीनियर पर किस्त के बदले रकम मांगने का आरोप लगाया था।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चार दिन इलाज के बाद भी महादेव की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। स्थिति और खराब होने पर उसे रायपुर के एम्स अस्पताल में रेफर किया गया था। रायपुर में इलाज के दौरान महादेव ने शनिवार को दम तोड़ दिया।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौैरान उनके परिजनों ने ठीक से इलाज नहीं करने और निगम के एक भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पीड़ित की सुध लेने नहीं आने का भी आरोप लगाए थे। फिलहाल इस मामले में निगम के कार्यप्रणाली के चलते एक हितग्राही ने अपनी जान दे दी है, लेकिन निगम प्रशासन द्वारा इस गंभीर मामले में भी किसी तरह की जांच व कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि मृतक हितग्राही ने किस्त के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
गौरतलब है कि वार्ड 44 निवासी महादेव यादव का कच्चा मकान था। उनका और उनकी सास और एक और रिश्तेदार का पीएम आवास योजना में पात्र हितग्राही होने पर नाम आया था। मृतक महादेव अपने और सास के कच्चे मकान को तोड़ कर पीएम आवास योजना के तहत पक्का आवास बनाना शुरू किया था। मकान लगभग आधा बनकर तैयार हो गया है।
शासन से उसके नाम की राशि निगम में आई। इस दौरान महादेव आवास का किस्त लेने निगम के अधिकारियों से मिला। कई चक्कर लगाने के बाद भी महादेव को किस्त की राशि निगम के इंजीनियर द्वारा जारी नहीं की गई।
किस्त नहीं मिलने पर महादेव ने बाजार से कर्ज लेकर काम शुरू कराया। कर्जदारी और किस्त नहीं मिलने से आहत महादेव ने आत्महत्या करने की नीयत से 19 जुलाई को जहर सेवन कर लिया था। उनके परिजनों द्वारा महादेव को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।