एक गौ रक्षक को मारी ठोकर, गंभीर अवस्था में रायपुर रिफर
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ में लगातार गौ तस्करी का मामला सामने आ रहा है. जिसको लेकर गौ रक्षक लगातार गांव- गांव में अपनी टीम बनाकर गौ माता की रक्षा के लिए डटे हुए है. इसी के तहत कल रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे के आसपास पदुमतरा में गौ तस्करी के लिए महाराष्ट्र से आए कुछ लोगों को गौ रक्षकों ने पकड़ा है. इसी बीच मवेशियों से भरी गाड़ी रोक रहे एक गौ सेवक को जबरदस्त ठोकर मार दी. जिसमें वह घायल हो गया. जिसे प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रिफर कर दिया गया है.मिली जानकारी के अनुसार गत रात्रि कुछ गौ रक्षकों को यह सूचना मिली थी कि पदुमतरा के पास कुछ लोग महाराष्ट्र से आए है और गाय तथा भैंसों को लेकर जा रहे है. जिस पर शहर के गौरक्षक सहित अन्य लोग वहां पहुंचे. उनके पहुंचने से पहले दो गाड़ी पार हो चुकी थी. लेकिन दो गाड़ी वहां थी जो गाय व भैसों को लेकर जाने के लिए आगे- पीछे फालो करती है और यदि कहीं जांच हो तो वह सूचना दे देती है. जिससे गाय व भैस से भरी गाड़ी चालक सतर्क हो जाता है. इसी बीच एक गौ रक्षक जिसका नाम प्रदीप अंबादे बताया जा रहा है, जो डोंगरगढ़ का निवासी है. जिसे गौ तस्करों की गाड़ी ने जबरदस्त ठोकर मार दी. जिसे प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रिफर किया गया है. वहीं प्रत्यक्ष दर्शियों ने दो गाड़ी पकड़ी है. उसमें एक स्कार्पियों है. जिसका नंबर एमएच 27 एआर 5689, वहीं दूसरी गाड़ी जिसका नंबर एमएच 36 एफ 2707 बताई जा रही है. जिसके खिलाफ दंडनात्मक कार्यवाही की जा रही है.

कौन है देवा और पांडे जिनका नाम आ रहा सामने
गौ तस्करों को संरक्षक देने वालें कुछ लोगों का नाम सामने आ रहा है. जो महाराष्ट्र से गाड़ियां बुलवाते है और गांव से रात्रि में गाय और भैस की तस्करी करते है. पकड़े गए आरोपी रोहित उर्फ संजय ठाऊकर ने बताया कि उसे भंडारा से देवा नाम के युवक ने बुलाया था और कहा था कि पांडे के ठीए से मवेशी भरना है. लेकिन मैने अपनी गाड़ी में मवेशियोें का नहीं भरा क्यों कि मैं देवा के फोन का इंतजार कर रहा था. जब देवा का फोन आ तो मैं मवेशी भरने जाता.
गाड़ी की नम्बर प्लेट में गोबर लगाकर आते है तस्कर
महाराष्ट्र के तिरोड़ा से गाड़ी भर के आए गौ तस्करों से प्रत्यक्षदर्शियों ने जम पूछताछ की तो पता चला कि वे तिरोड़ा से यहां भैस लेने आए थे. गाड़ी में चार से पांच लोग मौजूद थे. जो तस्करी की गाड़ी के आगे पीछे चलते है और कहीं संदेह हो तो दूसरी गाड़ी वाले को अलर्ट कर देते है. गाड़ी की नंबर प्लेट में गोबर लगा लेते है ताकि गाड़ी का नंबर पूरी तरह से पहचान ना जा सके.
सरपंच की भूमिका भी संदिग्ध
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल रात पदुमतरा के पास पकड़ाएं गौ तस्करों और ग्रामीणों ने बताया कि पदुमतरा के सरपंच द्वारा गांव के कोटवार से मुनादी कराई गई थी कि आवारा घूम रहे मवेशियों को जंगल में छोड़ा जाएगा. पर रात में जो जानकारी मिली है उससे पता चला है कि मवेशी पदुमतरा गांव के है और दो गाड़ियों में मवेशियों को ले जाया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि कहीं ना कहीं गांव के जानवरों को जंगल छोड़ने के बहाने उनकी तस्करी की जा रही होगी.
मेरी जानकारी में नहीं है- साहू
इस संबंध में पदुमतरा सरपंच मोहन साहू ने बातचीत में बताया कि कल रात की घटना की जानकारी मुझे नहीं है और मेरे द्वारा किसी भी प्रकार का कोटवार द्वारा गांव में मुनादी नहीं कराई गई है. मुनादी कराने का काम पटेल साहब देखते है मैं पंचायत का काम देखता हूँ.