बच्चों के झगड़ने से परेशान होकर बच्चों को मारने और खुद के मरने ले लिए खतरनाक कदम उठाना बताया
रतलाम। समीपस्थ धार जिले के कानवन थाना क्षेत्र के ग्राम कोद (बिड़वाल) में एक महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों को दूध में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और खुद ने भी पी लिया। इससे दो बच्चों की रतलाम में मौत हो गई। एक बालिका को इंदौर रेफर किया गया है। मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। मां ने नईदुनिया को बताया कि बच्चों के झगड़ों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय ममता पत्नी संतोष सिंदल निवासी ग्राम कोद थाना कानवन ने गुरुवार दोपहर अपनी पुत्री नौ वर्षीय साक्षी, सात वर्षीय प्राची उर्फ परी व करीब तीन वर्षीय पुत्र कुणाल को घर के अंदर दूध मेंं जहरीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद खुद ने भी पी लिया।
इससे चारों की तबीयत बिगड़ी और वे अचेत हो गए। ममता की सास ने चारों को घर में अचैत देखकर शोर मचाया। अासपास के लोग मौके पर पहुंचे और चारों को बदनावर के सरकारी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद चारों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।शाम करीब पांच बजे ममता को जिला अस्पताल तथा साक्षी, परी और कृणाल को मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के बाल एवं नवजात चिकित्सा इकाई (आइसीयू)में ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां शाम करीब छह बजे परी ने दम तोड़ दिया। साक्षी और कुणाल को इंदौर रेफर किया गया, लेकिन इंदौर ले जाते समय कुणाल ने भी रास्ते में दम तोड़ दिया। उसका शव भी जिला अस्पताल में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह कराया जाएगा।
एक पुत्री बाहर खेलने के कारण जहर पीने से बची
ममता की एक अन्य पुत्री चार वर्षीय पांच गोरा घर के बाहर खेल रही थी। इस कारण मां उसे जहरीला पदार्थ मिला दूध नहीं पिला सकी और वह इस खतरनाक घटना का शिकार होने से बच गई। ममता का पति संतोष सिंदर ट्रैक्टर चालक है और डेढ़ दो वर्ष से राजस्थान के जोधपुर में रह रहा है। बाल एवं नवजात चिकित्सा इकाई के प्रभारी नावेद कुरैशी ने नईदुनिया को बताया कि तीनों बच्चों को गंभीर हालत में लाया गया था। परी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कुणाल की इंदौर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। साक्षी को भी इंदौर रेफर किया है, उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है।