मुरादाबाद में सिस्टम की नाकामी में दस लोगों की जान चली गई। सामान ढोने वाले वाहन में चालक ने 23 सवारियां बैठा रखी थीं। उसे न तो पुलिस ने कहीं टोका और न ही परिवहन विभाग की टीम की नजर इस वाहन पर पड़ी। कोरवाकू से रवाना होकर वाहन डूंगरपुर चौराहे से होकर करीब दस किलोमीटर की दूरी तय खैरखाता तक पहुंच गया था। जहां हादसे में दस लोगों की मौत हो गई।
इस हादसे के बाद एक बार फिर जिम्मेदारों की नींद टूटेगी और सड़कों पर उतर अभियान चलाएंगे। बदायूं में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रदेश भर के लिए आदेश जारी किया था कि डग्गामारी वाहनों पर रोक लगाए जाए। वाहन ढोने वाले वाहनों में कोई सवारियां बैठाए तो उसके खिलाफ सख्ती कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अन्य जनपदों के साथ ही मुरादाबाद में भी परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन की की टीमें सड़कों पर उतरी और कुछ वाहन चालकों पर कार्रवाई की। खानापूर्ति करने के बाद विभाग के अधिकारी खामोश होकर बैठ गए। इसके बाद डग्गमारी वाहन दौड़ने लगे और सामान ढोने वाले वाहनों में भी सवारियां बैठाई जाने लगीं।
चौक चौराहों पर खड़े पुलिसकर्मियों के सामने से ही ये डग्गामार वाहन गुजरने लगे। इन वाहनों को रोकने में न तो पुलिसकर्मी दिलचस्पी दिखाते और न ही परिवहन विभाग के अधिकारी। सिस्टम की इसी नाकामी के कारण रविवार को दस लोगों की जान चली गई। चालक ने 23 सवारियां बैठा ली थी। वाहन कोरवाकू से निकलकर डूंगरपुर चौराहे पर पहुंचा। यहां से दलपतपुर मार्ग पर दौड़ने लगा था। जबकि डूंगरपुर चौराहे पर चौबीस घंटे पुलिस तैनात रहती है। बावजूद इसके चालक वाहन में सवारियां लादकर रामपुर की ओर रवाना हो गया।
मो. आलम के नाम पर है टाटा मैजिक का पंजीकरण
टाटा मैजिक का रजिस्ट्रेशन कटघर के बरवाला मझरा निवासी मोहम्मद आलम का है। जिसे 16 दिसंबर 2020 खरीदा था। इसके बाद से वह कभी सवारियां तो कभी सामान ढो रहा था। रविवार सुबह कोरवाकू के लोग आलम का वाहन बुक कराकर रामपुर के खेमपुर लेकर जा रहे थे।
कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज
भोजपुर के कोरवाकू निवासी इसरार हुसैन ने भगतपुर थाने में कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जिसमें उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। मैं बाइक से टाटा मैजिक के पीछे चल रहा था। इसी दौरान कैंटर ने टाटा मैजिक में टक्कर मार दी। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 279, 338 और 304 ए में केस दर्ज किया गया है। हादसे के बाद चालक मौके से भाग गया था। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है।
तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग बनी हादसे की वजह
अलीगंज-दलपतपुर मार्ग पर रविवार दोपहर ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार की वजह से भीषण हादसा हुआ था। कैंटर के चालक ने एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में सामने से आ रहे टाटा मैजिक को अपनी चपेट में ले लिया था।
दुर्घटनास्थल के आस पास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि कैंटर तेजी से दलपतपुर की ओर आ रहा था। उसने एक के बार एक कई वाहन ओवरटेक किया। इसके बाद उसने एक और वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। सड़क छोटी और खराब होने के बावजूद भी कैंटर के चालक ने न तो रफ्तार कम की और न ही सामने से आ रहे वाहन को बचाने का प्रयास किया। हालांकि टाटा मैजिक के चालक ने हॉर्न बजाया।
चालक ने टाटा मैजिक को सड़क से नीचे उतार लिया। सड़क किनारे खाई थी। इसलिए चालक टाटा मैजिक सड़क से ज्यादा किनारे नहीं कर पाया। इसी बीच टैंकर ने टाटा मैजिक में टक्कर मार दी। जिससे टाटा मैजिक के परखच्चे उड़ गए। कैंटर में टाटा मैजिक फंस गई। दूर तक टाटा मैजिक घसीटती चली गई और खाई में पलट गई। इसके बाद कैंटर भी पलट गया। वाहन में फंसे लोगों में चीख पुकार मच गई।
ग्रामीण खेतों से दौड़े और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए
भीषण हादसा होते ही ग्रामीण खेतों से दौड़े और उन्होंने वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। राहगीर भी ग्रामीणों की मदद को जुट गए। पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। डूंगरपुर, भोजपुर, दलपतपुर, करनपुर से 108 नंबर एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल और भोजपुर सीएचसी में भेजा गया।