राजनांदगांव। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, जैसे मानव मंदिर चौक और आजाद चौक, पर यातायात नियंत्रण का कोई ठोस इंतजाम नहीं है। सड़क के बीचों-बीच गाड़ियों की मनमानी पार्किंग और ट्रैफिक कर्मियों की अनुपस्थिति ने लोगों की आवाजाही को मुश्किल बना दिया है।
मानव मंदिर चौक पर दिखी अराजकता:

शहर के हृदय स्थल मानव मंदिर चौक पर वाहन चालक जहां चाहें, वहीं अपने वाहन पार्क कर देते हैं। सड़क पर खड़ी गाड़ियां हर समय ट्रैफिक जाम का कारण बनती हैं। चौक पर तैनात ट्रैफिक जवान कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता निभाते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जवान अपनी मर्जी से काम करते हैं और अव्यवस्था को नजरअंदाज कर देते हैं।

आजाद चौक की हालत और बदतर:
आजाद चौक में स्थिति और अधिक गंभीर है। यहां ट्रैफिक नियंत्रण का कोई नामोनिशान नहीं है। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की गैरमौजूदगी ने इस जगह को अराजकता का केंद्र बना दिया है। वाहन चालक बिना किसी डर के नियम तोड़ते हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है।

प्रशासन पर सवालिया निशान:
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था के अभाव से प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट दिखती है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नागरिकों की मांग:
राजनांदगांव के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक कर्मियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए और नो-पार्किंग जोन का सख्ती से पालन करवाया जाए। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह जनता की समस्या को गंभीरता से ले और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करे।