ग्राम गठुला में पूर्व सांसद मधु ने किया निरीक्षण
ग्राम गठुला में गायों की मृत्यु के लिए उद्योग प्रबंधन के साथ गौठान प्रबंधन में लगे लोग भी दोषी : मधु
राजनांदगांव. पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ग्राम पंचायत गठुला पहुंचकर गोपालको एवं ग्राम वासियों से मुलाकात की और 10 गायों की मृत्यु की घटना के संबंध में जानकारी ली। पूर्व सांसद से चर्चा के दौरान ग्राम वासियों ने बताया कि उनके गांव की कुल 10 गाय फूड प्वाइजनिंग का शिकार होकर मरी है और सैकड़ों पशु बीमार हैं। मृत पशुओं में गोपालक मदन साहू के दो गाय , पन्ना साहू की तीन गाय , शशि पासवान की दो गाय, सहित अनिरुद्ध साहू भाव सिंह साहू एवं टुकेश्वर साहू की एक-एक गाय की मृत्यु हुई है। भाजपा नेता मधु से चर्चा के दौरान साहू समाज गठूला के अध्यक्ष कौशल साहू , सरपंच गौरव बोरकर, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष टुकेश्वर साहू , ग्रामवासीगण हेमलाल साहू, अग्रहित साहू, सरवन साहू, कपिल साहू, घनश्याम साहू, सुखी राम साहू , मोहन साहू , मानिक साहू , पन्ना साहू, दिनेश साहू, तुलु राम साहू, तेजू साहू, मनीष साहू, मोहित साहू एवं अन्य उपस्थित रहे। ग्रामवासियों से चर्चा के उपरांत प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मधु ने स्थानीय गोपालकों के साथ गौठान का निरीक्षण किया और इसमें कई खामियां एवं अव्यवस्था पाई जिसके बारे में ग्राम वासियों ने भी उन्हें अवगत कराया। गौठान में व्याप्त अव्यवस्था पर भड़कते हुए पूर्व सांसद मधु ने कहा की जिस गौठान को 4 दिन पहले तक श्रेष्ठ प्रदर्शित करने का दावा किया जा रहा था आज उस खोखले दावे की पोल खुल चुकी है। भूपेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा गरवा घुरवा बारी पूरी तरह से फ्लॉप शो साबित हो चुका है । गौठानों की स्थिति दयनीय है जहां केवल गोबर खरीदी ही एकमात्र जिम्मेदारी नहीं है, गौठानों में गौ सेवा एवं वर्मिकमपोस्ट निर्माण के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा की ग्राम गठुला का गौठान सुविधाविहीन होने के कारण वहां गाय नहीं आती, पैरा और गोबर कई दिनों से बिखरा पड़ा सड़ रहा है, और बनाए गए वर्मी कंपोस्ट गुणवत्ताहीन हैं जिसमें एक तिहाई हिस्सा भूसायुक्त पाया गया है, जिसे कंपोस्ट के नाम पर किसानों पर थोपा जा रहा है। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया की राज्य शासन से आवंटन के अभाव में केंद्र सरकार की राशि का दुरुपयोग कर ग्राम पंचायत गठुला में गौठान का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया गया है और झूठी वाहवाही बटोरी जा रही है। गठुला में 15 वे वित्त के पैसे से गौठान में फेंसिंग, टेंपररी विद्युत कनेक्शन, बोर खनन हो चुका है, जबकि मनरेगा के फंड से शेड निर्माण किया गया है और गौठान में प्रस्तावित महिला भवन निर्माण अप्रारंभ है। पूर्व सांसद मधु ने यह भी प्रश्न किया है कि जब शासन के दबाव में जिला प्रशासन द्वारा हर गौठान में गायों के उचित रखरखाव, पानी चारे की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है तो फिर, ग्राम गठुला मे उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ एवं एक्सपायरी डेट खाद्य सामग्री खाकर 10 गायों की मृत्यु एवं सैकड़ों गायों के बीमार होने का कौन जिम्मेदार है? प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मधु ने आरोप लगाते हुवे कहा है कि ग्राम गठुला में पशुओं की मृत्यु के लिए उद्योग प्रबंधन के साथ-साथ गौठान प्रबंधन में लगे लोग भी बराबर रूप से जिम्मेदार हैं । क्योंकि जब गौठान समिति को राज्य शासन द्वारा ₹10,000 प्रतिमा रखरखाव के लिए दिया जा रहा है और गौठान में वर्मी कंपोस्ट निर्माण करने वाले महिला समूह को ₹ 3.50 प्रति किलो गोबर खरीदी के लाभांश के रूप में दिया जा रहा है तो उसके बावजूद गौठान में पशुओं के लिए समुचित रखरखाव व्यवस्था ना होने के कारण उन्हें भोजन पानी की तलाश में अन्यत्र भटकना पड़ रहा है और औद्योगिक अपशिष्ट एवं जहरीले खाद्य पदार्थ खाने से उनकी मृत्यु हो रही है। पूर्व सांसद में इस मामले में जिला कलेक्टर का ध्यानाकृष्ट कर मुख्य रूप से गौठान की दशा सुधारने, किसानों को गौठानो से गुणवत्तायुक्त वॉर्मी खाद उपलब्ध कराने एवं उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के समुचित निष्पादन हेतु हस्तक्षेप की मांग की है , ताकि ग्राम गठुला में हुई पशुओं की मृत्यु की घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।