राजनांदगांव में जूनियर डाक्टर अपने साथी की खुदकुशी के बाद उसका शव उनके घर भिजवाने को लेकर सड़क पर उतर गए। मेडिकल कालेज अस्पताल के जूनियर डाक्टर की खुदकुशी के बाद शव को घर भिजवाने के लिए प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिया है। इसके विरोध में मेडिकल कालेज के डाक्टर व स्टूडेंस सड़क पर उतर गए हैं। खबर है कि मेडिकल कालेज व अस्पताल की डीन डा. रेणुका गहिने ने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया, जिससे आक्रोशित कालेज के छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर गई। मेडिकल अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ भी छात्रों के समर्थन में सड़क पर बाहर आ गए हैं। कालेज के स्टूडेंस और स्टाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं।
बता दें कि मेडिकल कालेज में डाक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे डाक्टर प्रशुन भारद्धाज ने रविवार सुबह शहर के रानीसागर में कूदकर खुदकुशी कर ली। डाक्टर प्रशुन राजस्थान के करौली इंडोनसिटी का निवासी था। उसके खुदकुशी करने का कारण तो स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन दरमियानी रात करीब एक बजे से डाक्टर प्रशुन मेडिकल कैंपस से गायब था। कालेज के दोस्त उसकी पता तलाश में जुटे थे। रविवार सुबह जब रानीसागर में डाक्टर प्रशुन का शव निकाला गया तो मेडिकल कालेज में हड़कंप मच गया। नाै दिन बाद यानी 10 मई को डाक्टर प्रशुन का इंटर्नशिप खत्म होने वाला था। बसंतपुर पुलिस हर एंगल में डाक्टर के खुदकुशी के मामले की जांच कर ही है।

इधर, मेडिकल कालेज में पोस्ट मार्टम के बाद शव को डाक्टर प्रशुन के स्वजनों को सौंपने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने हाथ उठा दिया है। जूनियर डाक्टर प्रशांत व अन्य ने बताया कि कालेज की डीन से शव को उसके गृह ग्राम भिजवाने की मांग की गई तो डीन ने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद कालेज के स्टूडेंस व जूनियर डाक्टर सहित पूरा स्टाफ विरोध में उतर गया। शाम साढ़े पांच बजे तक सभी स्टूडेंस कालेज के बाहर नारेबाजी करते रहे। वहीं इस संबंध में डीन से नईदुनिया के साथी लगातार संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास कर रहे हैं। किसी कारणवश मोबाइल नहीं लग रहा और फोन नहीं उठाया जा रहा।
