जांच की मांग: पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से की शिकायत
राजनांदगांव. डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम तिलईरवार गांव में लोगों को शराब पिलाने का आरोप लगाकर एक परिवार को गांव से बहिष्कृत कर उनका हुक्का पानी बंद करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार द्वारा इसकी शिकायत पहले पुलिस से की गई। इसके बाद शुक्रवार को पीड़ित परिवार जिला मुख्यालय पहुंच कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे पीड़ित विकास सिंह ने बताया कि वह गांव में मुंगोड़ी और अंडा का ठेला लगाकर परिवार का पालन पोषण करता है। 22 जुलाई को कुछ ग्रामीणों द्वारा गांव में बैठक कर लोगों को शराब पिलाने का झूठा आरोप लगाकर गांव से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी कर दिया है।
पीड़ित विकास सिंह ने बताया कि उसके उपर झूठा आरोप गांव के ही देवनारायण मरकाम द्वारा लगाया गया है कि उसने ग्राम खेमरा निवासी विष्णु साहू को अपने ठेले में बैठा कर शराब पिलाई है। जबकि उसके पास इसका कोई सबूत नहीं मिला। इस दौरान बैठक में ग्रामीणों द्वारा देवनारायण को झूठा आरोप लगाने के मामले में 11 हजार रुपए दंड लगाया।
बैठक में आरोप सिद्ध नहीं
उन्होंने कहा कि बैठक में मेरे द्वारा शराब पिलाने का मामला सिद्ध नहीं होने के बाद भी ग्राम समिति के अध्यक्ष खोरबाहरा यादव, केजू वर्मा, घासूराम साहू व कुछ अन्य लोगों के कहने पर गांव में कोटवार से उनका गांव से बहिष्कार करने व हुक्का पानी बंद कराने मुनादी करा दी गई है। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत उसने 24 जुलाई को तुमड़ीबोड़ चौकी में लिखित में शिकायत की है, लेकिन पुलिस द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।