राजधानी में जीवित कारोबारी सुभाष गोयल को मृत बताकर करोड़ों को जमीन बेचकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला सिविल लाइन थाना इलाके का है। कारोबारी सुभाष गोयल बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं। बक्सर बिहार निवासी कारोबारी ने रायपुर में इसके खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई है। जानकारी के अनुसार कोरोना काल के दौरान कारोबारी के फर्जी डेथ सर्टिफिकेट और वसीयतनामा बनवाकर करोड़ों की जमीन को बेचा गया है।
गंगा राय, कुंती नायक और प्रवीण कुमार साहू समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों में कुटरचना समेत 120B की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है।दरअसल, राजधानी में भूमाफियाओं ने एक कारोबारी को मृत बताकर उसका डेथ सार्टिफिकेट और फर्जी वसीयतनामा बनाकर करोड़ों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने नाम करके उसको बेच दिया। बताया जा रहा है कि बिहार के बक्सर निवासी कारोबारी सुभाष गोयल की पंडरी स्थित 4 हजार 438 वर्गफीट जमीन थी।
जिसे साल कोरोना काल के दौरान आरोपित गंगा राय, कुंती नायक और प्रवीण कुमार साहु ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कारोबारी को मृत बताया। कारोबारी का एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और फर्जी वसीयतनामा तैयार कर रायपुर जेएमएफसी कोर्ट को गुमराह कर अपने आप को कारोबारी का रिश्तेदार बताया। साथ ही कारोबारी के मृत होने की दस्तावेज देकर जमीन नामातरंण का आदेश पारित करवा लिया।
वहीं रायपुर तहसील आफिस ने भी बिना दस्तावेजों की जांच किये आरोपितों के नाम जमीन नामतंरित कर दी और शातिर भूमाफियाओं ने उस जमीन की रजिस्ट्री गंगा राय के नाम करवा ली।प्रापर्टी टैक्स भरने के दौरान मामले का हुआ खुलासाबता दें इस बात का खुलासा तब हुआ जब कारोबारी कोरोना काल खत्म होने के बाद अप्रैल 2022 में रायपुर आकर अपनी जमीन का प्रापर्टी टैक्स भरने तहसील कार्यालय पहुंचे तो उनकी जमीन किसी अकबर खान के नाम देखकर उनके नीचे से जमीन खिसक गई। कारोबारी ने इसकी लिखित शिकायत रायपुर एसएसपी को दी तो सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस शिकायत की जांच की। जहां पुलिस जांच में पता चला कि शातिर आरोपितों ने बड़े ही शातिराना ढ़ंग से जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने नाम कराया और उसको बेच दिया।
गौरतलब है कि राजधानी में हुए साल 2023 का अबतक का सबसे बड़ा जमीन घोटाला में चौंकाने वाली बात ये है कि राजधानी में भूमाफियाओ के हौंसले इतने बुलंद हैं और इतनी लंबी प्रक्रिया बहुत ही कम समय में हो जाना सरकारी सिस्टम को भी सवालों के घेरे में खड़ा करता है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्जकर शातिर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। सभी आरोपित फरार बताये जा रहे है