छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार आदिवासियों के आरक्षण मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। यह विशेष सत्र एक और दो दिसंबर को बुलाया जा सकता है। इसे लेकर एक प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया है।
छत्तीसगढ़ में आदिवासी आरक्षण के मुद्दे को अब सरकार विधानसभा में ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार विशेष सत्र बुलाना चाहती है। इसे लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत को भेजा है। इसमें एक और दो दिसंबर को विशेष सत्र बुलाए जाने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, राज्य में आरक्षण के मामले में आदिवासी समाज निश्चिंत रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आदिवासियों के हित और उनके संरक्षण के लिए संविधान में जो अधिकार प्रदत्त है, उसका पालन हमारी सरकार कर रही है। हमारी स्पष्ट मंशा है कि संविधान द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग को प्रदान किए गए सभी संवैधानिक अधिकार उन्हें प्राप्त हों। आरक्षण के मामले को लेकर हमने विधानसभा अध्यक्ष महोदय से एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने का भी आग्रह किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, आदिवासियों को 32 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में आरक्षण की विधिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल शीघ्र वहां जाएगा। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश भी जारी कर दिया गया है।
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