चेन्नई के अंबात्तुर निवासी तीन साल के बच्चे युवन मनोज की न तो कोई जाति है, न धर्म। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को स्थानीय प्रशासन को इस बाबत प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया है। मनोज के पिता जगदीशन ने कोर्ट को बताया कि स्कूल में दाखिले के लिए उन्हें जाति व धर्म संबंधी कॉलम भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इन्कार करने पर दाखिला रोक दिया है। सुनवाई के बीच तहसीलदार ने कोर्ट में हलफनामा दिया कि उसे ‘न कोई जाति, न धर्म’ का प्रमाणपत्र देने में आपत्ति नहीं है। इस पर कोर्ट ने प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दे दिया।