दुर्ग। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का संचालन करने वाले महिला स्व सहायता समूहों को प्रशासन द्वारा संचालित सी मार्ट से मध्यान्ह भोजन के लिए सामग्री खरीदने कहा गया है। महिला समूहों का कहना है कि सी मार्ट में बिकने वाली सामग्री की कीमत बाजार से अधिक है।
महिला समूहों ने पूर्व की भांति गांव के ही किराना दुकानों से सामग्री खरीदी की अनुमति देने का आग्रह किया है। महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों ने उक्त आशय की मांग को लेकर कलेक्टर और जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम पर ज्ञापन सौंपा है।
आजीविका मिशन के अंतर्गत बिहान समूहों के द्वारा अचार, पापड़, बड़ी, साबुन, फिनाइनल, अगरबत्ती, हल्दी, धनिया सहित अन्य तरह के उत्पाद तैयार किया जा रहा है। तैयार उत्पाद को बाजार उपलब्ध करवाने जिला प्रशासन द्वारा जनपद पंचायत कार्यालय परिसर दुर्ग में सी मार्ट खोला गया है।
प्रशासन द्वारा सरकारी विभागों के लिए जरूरत की सामग्रियां सी मार्ट से ही खरीदी किए जाने का आदेश दिया गया है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को दुर्ग ब्लाक में स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का संचालन करने वाले महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे।
16 महिला स्वसहायता समूह के पदाधिकारियों ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम पर ज्ञापन सौंपकर बिहान समूह द्वारा बनाए गए सामग्रियों की कीमत को बाजार से अधिक होना बताते हुए पूर्व की भांति स्थानीय स्तर पर ही खरीदी करने की अनुमित दिए जाने का अनुरोध किया है।
स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के लिए सरकार ने प्रति छात्र प्रतिदिन के हिसाब से राशि निर्धारित कर रखा है। जिसके मुताबिक प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 5.91 रुपये और पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 7.54 रुपये के हिसाब से राशि प्रदान की जाती है। महिला समूहों का कहना है कि बिहान समूह की सामग्री खरीदने पर उनका खर्च प्रति विद्यार्थी कम से कम 60 फीसद तक बढ़ जाएगा।
सामग्री बाजार मूल्य – सी मार्ट का मूल्य (प्रतिकिलो में)
हल्दी 130 रुपये – 200 रुपये
धनिया पाउडर 165 रुपये – 200 रुपये
सोयाबीन बड़ी 100 रुपये – 200 रुपये
पापड़(चावल का) 60 रुपये – 250 रुपये